सीएमओ का बयान-
सीएमओ डा. प्रभात सिंह ने बताया कि जानकारी की जाएगी, जो डाक्टर अनुपस्थित होंगे उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में कितने मरीजों का इलाज हुआ का अभी विवरण नहीं प्राप्त हो पाया है। आपको कल विवरण उपलब्ध करा पाऊंगा। क्योंकि मेले का आयोजन 72 स्थानों पर किया जाता है।
कागजों पर सेहत मेला 'चंगा'...चार में से तीन पीएचसी से डॉक्टर 'लापता', बीमारों को ढूंढ़ता रहा सन्नाटा
जलालपुर, चौरी और पूरेव पीएचसी में दोपहर तक डॉक्टरों की कुर्सियां रहीं खाली
पंकज पांडेय
जौनपुर-जलालपुर। शासन की मंशा थी कि रविवार की छुट्टी के दिन गरीबों को उनके घर के ठीक पास बेहतर और मुफ्त इलाज मिल सके, लेकिन जौनपुर के डॉक्टरों की 'कर्तव्यनिष्ठा' ने इस पूरी योजना को महज कागजों पर समेट कर रख दिया है। रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का जब धरातल पर हाल जाना गया, तो स्वास्थ्य विभाग के दावों की कलई खुलकर सामने आ गई। जलालपुर के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में से तीन पर डॉक्टर साहबान ड्यूटी से नदारद रहे। अस्पताल परिसरों में ऐसा सन्नाटा पसरा रहा कि दोपहर तक मरीजों की संख्या 'शून्य' दर्ज की गई। इलाज की जिम्मेदारी फॉर्मासिस्टों के कंधे पर रही।
केस-01
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर: यहां न ही स्टॉल लगे थे और न ही बाहर मेले का कोई भी बोर्ड लगा था। स्टॉफ नर्स प्रीति राय और अविनाश मौजूद मिले। दोपहर 12.30 मिनट तक मरीजों की संख्या शून्य थी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर गौरव ने बताया पारिवारिक स्वास्थ्य प्रॉब्लम को लेकर वह छुट्टी पर हैं, जिसकी सूचना अधीक्षक को दी गई है। उनके स्थान पर डॉक्टर रंजना की ड्यूटी लगाई गई है वो किन कारणों से नहीं आई है इसकी जानकारी नहीं है। फॉर्मासिस्ट की ड्यूटी बयालसी पीजी कॉलेज में चल रही बीएड परीक्षा में लगाई गई है, जिसके कारण मेला में मौजूद नहीं रहे।
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केस 2
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौरी : कोई भी मरीज मौजूद नहीं मिला। पता करने पर जानकारी हुई की डॉ मिथिलेश शुक्ला की ड्यूटी थी, लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं मिले। वहां राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉक्टर नंदनी जायसवाल मौजूद रहीं। फार्मासिस्ट अनिल पांडेय ने अपनी अलग व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेहटी पर लगातार दो रात ड्यूटी करने की वजह से उनकी छुट्टी होनी चाहिए थी, लेकिन मेले में ड्यूटी लगने से वह अस्पताल तो आए, पर जरूरी दवाइयां निकालकर वापस अपने रूम पर चले गए। कागजों में इलाज कराकर जाने वाले सिर्फ दो मरीजों (रमाशंकर तुलापुर, आकाश मझगांवा) का जिक्र मिला।
केस 3
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरेव: यहां मेले का बोर्ड और बैनर तो बहुत चमचमा रहा था, लेकिन जिम्मेदार गायब थे। डॉक्टर की कुर्सी खाली थी और केवल फार्मासिस्ट श्यामजी चौबे मेडिकल रूम में बैठे मिले। दोपहर 12:30 बजे जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलका तिवारी केंद्र पर पहुंचीं, तो हड़कंप मचा। डॉ. अलका तिवारी ने बताया कि यहां डॉ. अजीत की ड्यूटी थी, जो बिना बताए छुट्टी पर चले गए। वहीं खुद के लेट होने पर उन्होंने कहा कि वह वाराणसी से आ रही थीं इसलिए देर हो गई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि गैरहाजिर स्टाफ का एक दिन का वेतन रोका जाएगा। उधर, गायब डॉक्टर अजीत का कहना था कि वह पत्नी को परीक्षा दिलाने गए हैं, इसलिए छुट्टी ली है। अधीक्षक डॉ. आलोक सिंह ने कहा कि पूरेव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर अल्का तिवारी की ड्यूटी लगाई गई थी, अगर वह 12:30 बजे तक अनुपस्थित है तो एक दिन का वेतन रोते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
केस 4
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिलोचन महादेव : मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का बैनर लगा था। अस्पताल पर डॉक्टर डॉ. शैलेंद्र सिंह और स्टॉफ नर्स प्रीति सुबह से ही मेले में मौजूद रहे। मेले में आए शुगर, बीपी, खुजली, बुखार संबंधित 19 मरीज का जांच और इलाज भी किया गया।
वर्जन
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में डॉक्टरों का अनुपस्थित रहना घोर लापरवाही है। जलालपुर पीएचसी में तैनात डॉ. रंजना राय और पूरेंव पीएचसी में देरी से पहुंचने वालीं डॉ. अलका तिवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरेव मेले में लगे डॉक्टर अजीत छुट्टी पर थे। - डॉ. आलोक कुमार सिंह, अधीक्षक
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29 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, दी गईं दवाएं
मछलीशहर। जमालपुर पीएचसी पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 29 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं। पीएचसी पर डाॅक्टर आरके यादव ने 9 पुरुष, 12 महिलाओं और 8 बच्चों का इलाज किया। डाक्टर ने बताया कि श्वांस,गैस्ट्रो , डायबिटीज चर्मरोग हाईपरटेंशन , बुखार एवं अन्य रोगों के रोगियों के अलावा गर्भवती महिला मरीज आए थे। सबको निःशुल्क चिकित्सा सलाह एवं दवा दी गई है। मेले में फार्मासिस्ट राय साहब ,नेत्र सहायक हरिवंश गौतम और ए एन एम माला देवी उपस्थित रही।