महिला थाने में सुरक्षा को लेकर एक के बाद एक हो रही चूक के बाद भी पुलिस महकमा इस मसले पर संजीदा नहीं है। रविवार को भोर में हत्यारोपी महिला के थाने से फरार होने के बाद अमर उजाला ने थाने की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। थाने के अंदर की तस्वीरें हतप्रभ कर देने वाली थीं।
सुबह हत्यारोपी महिला के थाने से फरार होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं दिखा। ड्यूटी पर तैनात तीन महिला कांस्टेबल थाने में रखी बेंच पर सो रही थीं।
थाने का मुख्य द्वार खुला था। कैमरा का फ्लैश चमकते ही एक महिला कांस्टेबल की आंख खुल गई। हाथ में कैमरा देखने के बाद भी उस पर कोई असर नहीं पड़ा। उसने सोकर ही थाने में आने की वजह पूछी।
संवाददाता ने कहा कि थानाध्यक्ष से मिलना है तो उसने कहा कि वह अभी बाहर गई हैं। दरअसल महिला थाने की सिपाही ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं हैं।
शिकायत है कि महिला सिपाही थाने में अक्सर मोबाइल पर व्यस्त रहती हैं या सोयी रहती हैं। जो महिलाएं बैठाई जाती हैं उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं। हवालात में आवश्यक संसाधन नहीं हैं।
अधिकारी कभी हवालात और महिला थाना अधिकारी कभी चेक नहीं करते। जिसकी वजह से वहां फरियाद लेकर जाने वाली महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता।
सुलह समझौता और पंचायत के नाम पर वसूली की भी कई शिकायतें अफसरों के यहां पहुंची लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।