कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के आगमन को लेकर पिछले दिनों शहर में की गई तैयारयों पर हुए खर्च और उसके भुगतान को लेकर पुलिस विभाग और पीडब्ल्यूडीमें ठन गई है। पीडब्ल्यूडी ने पुलिस लाइन में सड़क और हेलीपैड बनाने के नाम पर 30 लाख 10 हजार रुपये का बिल पुलिस विभाग को भेजा है।
जिसे पुलिस विभाग ने यह कहकर लौटा दिया कि उनके पास ऐसा कोई बजट नहीं है जिससे वह भुगतान कर सकें। शिवपाल सिंह यादव बुधवार को भी जिले में एक शादी समारोह में आ रहे हैं। जिले में 11 अप्रैल को एक होटल और हार्डवेयर की दूकान का उद्घाटन करने सिंचाई, सहकारिता एंव लोकनिर्माण मंत्री शहर में आए थे।
उनके आगमन को देखते हुए रुहट्टा-ओलंदगंज मार्ग का गड्ढा और ओलंदगंज से जेसीज चौराहे तक की सड़क की मरम्मत का कार्य आनन फानन में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड शाखा की ओर से किया गया था।
यही नहीं पुलिस लाइन में करीब 800 मीटर सड़क की मरम्मत का कार्य और हेलीपैड का चौड़ीकरण का कार्य भी कराया था। हाल ही में पीडब्ल्यूडी ने इसका बिल बनाकर भुगतान के लिए पुलिस विभाग को भेजा। पुलिस अफसर 30.10 लाख की बिल देख कर हैरान हो गए और उन्होंने यह कहकर बिल लौटा दिया कि उन्होंने किसी सड़क की मरम्मत के लिए नहीं कहा था।
ऐसे में लोक निर्माण विभाग का ठेकेदार को किस मद से भुगतान करेगा इसे लेकर सवाल खड़ा हो गया है। वैसे भी लागत छिपा कर भुगतान का खेल होता है। प्रतिसार निरीक्षक कृपाशंकर कनौजिया का कहना है कि कोई भी फंड पुलिस मुख्यालय से ही आता है।
इसके लिए पहले स्टीमेट भेजना पड़ता है। लोक निर्माण ने अपने मन से कार्य किया और बिल भेज दिया। इसका भुगतान कैसे होगा वही जानें।