गेहूं की अच्छी फैदावार होने के बाद भी जिला खाद्य विपणन विभाग गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। जबकि गेहूं खरीद की निर्धारित तिथि भी समाप्त हो गई है। हालत यह है कि गेहूं क्रय केंद्रो द्वारा लक्ष्य का मात्र 44.68 फीसदी गेहूं की खरीद ही की गई है। जबकि गेहूं की अच्छी पैदावार होने के चलते 81 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था।
जिले में गेहूं खरीद के लिए सात एजेंसियों के 103 गेहूं क्रय केंद्रो को जिम्मेदारी सौपी गई थी। जिसमें मार्केटिंग के 21, पीसीएफ के 71, एग्रो के तीन, एनसीसीएफ के तीन, नेफेड के दो, कर्मचारी कल्याण निगम के दो, एफसीआई के एक केंद्र हैं। जिनको एक नवंबर से लेकर 15 जून तक 81 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। इसके बाद सभी एजेंसियों ने विभिन्न स्थानों पर अपने-अपने क्रय केंद्र खोलकर गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ किया। लेकिन केंद्रो द्वारा लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका है।
उनके द्वारा निर्धारित समय में मात्र 36 हजार एमटी गेहूं की खरीद की गई है। इसका कारण जहां गेहूं क्रय केंद्र किसानों द्वारा केंद्रो पर गेहूं नहीं लाने और बिचौलियों को गेहूं बेच देने की बात कह रहे हैं। वहीं किसान क्रय केंद्रो द्वारा गेहूं नहीं खरीदने की बात कर रहे हैं। मामला चाहे जो हो लेकिन गेहूं की अच्छी पैदावार के बाद भी खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होना। गेहूं खरीद में लापरवाही बरतने को उजागर करता है।