जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र में आठ वर्ष पूर्व प्रधानी चुनाव में मतदान के विवाद में हुई गैर इरादतन हत्या और दलित उत्पीड़न के मामले में सोमवार को एडीजे चतुर्थ बुधिराम यादव ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया, इसे अदा नहीं करने पर छह माह
की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है। अभियोजन कथानक के अनुसार- जलालपुर थाना क्षेत्र के मनहन निवासी सेवालाल ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 अप्रैल 2007 को मेरा चचेरा भाई शंकरचंद सुबह आठ बजे घर से जा रहा था।
इस दौरान गांव के ही आरोपी रमाशंकर सिंह ने उसे रोककर वोट देने की बात को लेकर जाति सूचक शब्दों और अपशब्द कहते हुए मारने लगे। इससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। उपचार के उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी उसी दिन मध्याह्न 12 बजे मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना
पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से पीओ सालिक राम गुप्त व प्रकाश मिश्र ने छह गवाह न्यायालय में परिक्षीत कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने और प्रत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के पश्चात आरोपी रमाशंकर सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है।