फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: पूविवि के छात्रों ने सीखा सुरक्षित ड्रोन उड़ाने का गुर तकनीक से हुए परिचित

विज्ञापन
विज्ञापन
मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन से जुड़े कानूनी प्रावधानों, उड़ान सुरक्षा और आधुनिक तकनीक की जानकारी दी गई। सुरक्षित ड्रोन उड़ाने के गुर और तकनीक से परिचित कराए गए। इंजीनियरिंग संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग और सीडैक नोएडा के सहयोग से आयोजित मानव रहित विमान प्रणाली एवं उसका उपयोग बूटकैंप के तीसरे दिन विद्यार्थियों को ड्रोन नियमन, सेंसर और लिडार तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने ड्रोन के विभिन्न घटकों को जोड़ने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कार्यशाला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से सीखे जा रहे तकनीकी कौशल की सराहना करते हुए उन्हें नवाचार और प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर उन्होंने आयोजक टीम को भी बधाई दी। पहले सत्र में सी-डैक नोएडा की वैज्ञानिक-एफ डॉ. कल्पना जौहरी ने ड्रोन रूल्स एंड रेगुलेशंस विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत में ड्रोन संचालन से संबंधित कानूनी प्रावधानों, उड़ान सुरक्षा, पंजीकरण और जिम्मेदार उपयोग के बारे में जानकारी दी। उनके शोध और तकनीकी अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को ड्रोन संचालन के नियामकीय पहलुओं से परिचित कराया गया। दूसरे सत्र में सी-डैक की प्रोजेक्ट इंजीनियर किरण वालिया ने सेंसर और लिडार तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने रिमोट सेंसिंग, डेटा मैपिंग और ड्रोन के विभिन्न व्यावहारिक उपयोगों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक के औद्योगिक उपयोग और आधुनिक तकनीकी जरूरतों की जानकारी मिली। ड्रोन के विभिन्न घटकों को जोड़ने और असेंबल करने का अभ्यास किया। आयोजन में डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, शैलेश प्रजापति, सुधीर सिंह, डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. पारुल त्रिवेदी, डॉ. ज्योति पी. सिंह, पूनम सोनकर, तुषार, विशाल, जया शुक्ला, नवीन चौरसिया और अनुराग ने सहयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें