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पूविवि : अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 12 शिक्षक शामिल, शोध के दम पर बनाई वैश्विक पहचान

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मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 12 शिक्षकों ने शोध दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। स्कॉलरली इंडेक्स की अधिकारिक वेबसाइट ने टॉप-1000 स्कॉलर रैंकिंग में विश्वविद्यालय के इन शिक्षकों को जगह मिली है। शोध प्रकाशन, उद्धरण, एच-इंडेक्स, डी-इंडेक्स और शोध के प्रभाव जैसे मानकों पर तैयार की गई सूची में यह स्थान पाना शोध कार्यों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। रैंकिंग में स्थान बनाने वाले शिक्षकों में प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. राजकुमार, प्रो. संदीप कुमार सिंह, प्रो. नूपुर गोयल, डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. विक्रांत भटेजा, डॉ. आशीष वर्मा, डॉ. राम नरेश यादव, डॉ. दीपक कुमार मौर्य, डॉ. राम नारायण और डॉ. पारुल त्रिवेदी शामिल हैं। स्कॉलरली इंडेक्स की ओर से जारी रैंकिंग में शोध की गुणवत्ता, प्रासंगिकता, प्रभाव और अकादमिक जगत में उसकी स्वीकार्यता को भी महत्व दिया जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय के 12 शिक्षकों का टॉप-1000 स्कॉलर रैंकिंग में शामिल होना संस्थान में बढ़ती शोध गतिविधियों और गुणवत्तापूर्ण अकादमिक कार्यों को दर्शाता है। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने चयनित शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षकों की यह वैश्विक पहचान विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को बेहतर शोध के लिए प्रेरित करेगी। कुलपति ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उपलब्धियों और ज्ञान के क्षेत्र में योगदान से होती है। अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शिक्षकों की उपलब्धि विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे सकारात्मक शोध वातावरण और अकादमिक उत्कृष्टता का परिचायक है।
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