जौनपुर। राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए चलाए जा रहे अभियान का असर दिखाई देने लगा है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर जिले की राजस्व अदालतों में प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर वादों का निस्तारण किया जा रहा है। सितंबर की जारी रिपोर्ट में जनपदीय न्यायालय की श्रेणी में जौनपुर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। लगातार दूसरे महीने जिले को यह उपलब्धि मिली है। पांच राजस्व अदालतों ने निर्धारित मानक के सापेक्ष 302 फीसदी से ज्यादा वादों का निस्तारण किया।
मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार अम्बष्ट के मुताबिक सितंबर में जिले की पांच राजस्व अदालतों में 250 वादों के निस्तारण का मानक निर्धारित था। इसके सापेक्ष 756 वाद निस्तारित किए गए। हालांकि जिले में अभी 7939 राजस्व वाद लंबित हैं। सीआरओ अजय अंबष्ट की अदालत में निर्धारित 50 के सापेक्ष 290 वादों का निस्तारण हुआ। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व परमानंद झा की अदालत में 50 के सापेक्ष 251 वाद निस्तारित किए गए। एडीएम वित्त एवं राजस्व की अदालत में अभी 2322 वाद लंबित हैं।
कुल निस्तारण में छठवां स्थान
सभी राजस्व न्यायालयों में निस्तारित कुल वादों के मामले में जौनपुर प्रदेश में छठे स्थान पर रहा। जिले में कुल 10240 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। पूर्वांचल में आजमगढ़ में 10133, वाराणसी में 9299, चंदौली में 8064, बलिया में 5630, गाजीपुर में 5223, मऊ में 5116, मीरजापुर में 4513, सोनभद्र में 3216 और भदोही में 2691 वाद निस्तारित किए गए।