जौनपुर। भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के बैनर तले बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने और पुरानी पेंशन बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। ज्ञापन के माध्यम से बिजली कर्मियों ने स्पष्ट किया कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव न तो जनहित में है और न ही कर्मचारियों के हित में। उन्होंने माँग की कि 25 जनवरी 2000 के समझौते के तहत सभी निगमों का एकीकरण कर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन किया जाए। संगठन ने ऊर्जा निगमों में 14 जनवरी 2000 के बाद भर्ती हुए कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की पुरजोर वकालत की। साथ ही, कर्मचारियों को मिलने वाली रियायती बिजली की सुविधा में कटौती और मीटर लगाने के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते की याद दिलाते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान कर्मियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और उत्पीड़न बंद हो।
उन्होंने वितरण अंचलों में संविदा कर्मियों के पदों में की जा रही 40 फीसदी की कटौती पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश महामंत्री विवेक सिंह, रंजन यादव, विनोद यादव, गौरव सिंह, सचिन यादव और मदन गोपाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।