बस्ती के सभी लोगों का आशीर्वाद उनके साथ रहा। हार-जीत होती रहती है। बताया कि गांव में लगभग 29 साल से चकबंदी लंबित है। निकट भविष्य में भी इसका निस्तारण होता नहीं दिख रहा है। ऐसे में बस्ती तक जाने के लिए अपनी भूमिधरी जमीन से लगभग 200 मीटर सड़क बनवाने के लिए मिट्टी डालने का कार्य शुरू हो गया है। बाद में इस पर इंटर लॉकिंग भी करवाने की योजना है।
बस्ती में रहते हैं 13 परिवार
प्रजापति बस्ती के लोक गायक संजय निर्मोही ने बताया कि गांव से गुजरने वाले पक्के लिंक रोड से उनकी बस्ती तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। तेरह घरों की उनकी बस्ती में करीब 150 लोग रहते हैं। बरसात में घर तक पहुंचने में बड़ी कठिनाई होती है। खेत के मेड़ से होकर जाना पड़ता है, लेकिन चुनाव हारने के बाद भी जिस तरह से राधिका यादव और पति जय प्रकाश ने हम लोगों के लिए दरियादिली दिखाई है, उसके लिए पूरी बस्ती के लोग उनके मुरीद हो गए हैं। हम सभी उनके लिए हमेशा समर्पित रहेंगे। बस्ती के संदीप, ओमप्रकाश, राजेश ने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब हम लोगों के घर की बहू-बेटियां घर तक गाड़ियों से पहुंच सकेंगी। अब तक बस्ती के लोग किसी सदस्य की बीमारी आदि में सड़क तक डोली खटोली से मरीज को लाते रहे। चर्चा यह भी है कि इस सड़क को बनवाने की पहल निवर्तमान प्रधान प्रेमलता सिंह ने भी की थी, लेकिन कागजी तौर पर कोई चकरोड चिह्नित नहीं था, इसलिए काम नहीं हो सका।