लंबे जद्दोजेहद के बाद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। पहले दिन 321 महिला और विकलांग शिक्षकों ने काउंसिलिंग कराई।
पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए रिक्त पदों वाले विद्यालयों की सूची डायट परिसर में चस्पा कर दी गई है। इन्हीं विद्यालयों में से शिक्षकों से विकल्प भरवाया जा रहा है।
पहले आओ पहले पाओ के फार्मूले पर शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया जाएगा। काउंसिलिंग के लिए डायट में चार टेबल बनाए गए हैं। सुबह से ही महिला और विकलांग शिक्षकों की भीड़ जमा हो गई थी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी परमहंस सिंह यादव ने बताया कि शिक्षकों की सुविधा के लिए चार अलग अलग टेबल बनाए गए हैं। टेबल संख्या एक शिकायत के लिए बनाया गया है।
यहां खंड शिक्षा अधिकारी बंशीधर पांडेय, नन्हकू राम यादव और संतोष कुमार सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। टेबल संख्या दो शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के लिए बनाया गया है।
इस टेबल पर खंड शिक्षा अधिकारी रमाकांत राम, ममता सरकार, आशीष कुमार पांडेय और चंद्रशेखर यादव को जिम्मेदारी दी गई है। टेबल संख्या तीन शिक्षकों की सेवा का इतिहास और विकल्प पत्र की जांच के लिए है।
इस टेबल पर खंड शिक्षा अधिकारी संजीव सिंह, राजेश कुमार, सुनील कुमार को तैनात किया गया है। टेबल संख्या चार विद्यालय अावंटन कर बीएसए को हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत करने के लिए बना है।
यहां खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव, राजेश श्रीवास्तव, राजनारायण पांडेय और महेंद्र मौर्य तैनात हैं। दिसंबर 2007 तक नियुक्त सभी शिक्षकों को प्रमोशन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।