स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को संचालित करने की कवायद तेज हो गई है। प्राचार्य के कार्यभार संभालने के बाद अब जिला अस्पताल में निर्मित पोस्ट कोविड वार्ड को उनके कार्यालय में तब्दील कर दिया गया है। कई चिकित्सकों ने भी कार्यभार संभाल लिया है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा होने तक इन चिकित्सकों से जिला अस्पताल परिसर की ओपीडी में सेवा ली जाएगी। इसके लिए वर्तमान में कोविड वैक्सीनेशन विंग को चिह्नित किया गया है। शीघ्र ही यहां मेडिकल कॉलेज के लिए ओपीडी की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। बहुत जल्द ही कॉलेज का संचालन आरंभ करा दिया जाएगा।
पांच सौ बेड के मेडिकल कॉलेज के लिए 50 जूनियर रेजिडेंट की नियुक्ति हो चुकी है। इसमें एनाटॉमी, बायो केमेस्ट्री और फिजियोलॉजी के लिए तीन-तीन, माइक्रोबायोलॉजी, फार्मेलॉजी, पैथोलॉजी, एमएमटी, एसपीएम विषय के लिए एक-एक, मेडिसीन, सर्जरी के लिए छह-छह, पेड्रियाट्रिक्स के लिए दो, गायनोलॉजी के लिए चार, ईएनटी, आर्थोपेडिक्स, एनेस्थेसियोलॉजी, साइकेट्री, टीबी एवं चेस्ट, आप्थामोलॉजी, स्किन, इमरजेंसी मेडिसिन और डेंटल विषय के लिए दो-दो जूनियर रेजिडेंट हैं। इनके अलावा 19 सीनियर रेजिडेंट और दो संविदा पर नियुक्ति हुई है। इन्हें क्रमवार कार्यभार ग्रहण कराया जा रहा है। पीजीआई लखनऊ के प्रो. शिव कुमार ने प्राचार्य के पद पर दो दिन पहले ही कार्यभार ग्रहण कर लिया है। नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज के सुचारु रूप से संचालन के लिए जिला अस्पताल को उससे छह माह के लिए संबद्ध किया गया है। भवन निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक व्यवस्था में ओपीडी का संचालन यहीं किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल परिसर के प्रथम तल पर कोविड वैक्सीनेशन विंग को कॉलेज की ओपीडी के रूप में बदलने की तैयारी है। प्राचार्य का कार्यालय पोस्ट कोविड वार्ड में बनाया जा रहा है। जोर-शोर से इसके लिए तैयारी चल रही है। जिम्मेदारों की सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि बहुत जल्द ही कॉलेज का संचालन आरंभ हो जाएगा।
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भवन निर्माण पूरा होने तक जिला अस्पताल को कॉलेज से संबद्ध किया गया है। यहां वैकल्पिक रूप से सेवाएं दी जाएंगी। 50 जूनियर रेजिडेंट समेत कुल 71 चिकित्सकों की नियुक्ति हो चुकी है। हमारी तैयारी पूरी है। कोशिश है कि जल्द से जल्द भवन निर्माण पूरा कराकर मेडिकल कॉलेज का संचालन सुचारु रूप से आरंभ करा दिया जाए। मुख्यमंत्री, मंत्री और प्रमुख सचिव खुद इसे लेकर गंभीर है। वह नियमित इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पांच सौ बेड का कॉलेज शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य सेवा को बड़ा लाभ होगा। -प्रो. शिव कुमार, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय।