जौनपुर। आधी-अधूरी तैयारी के साथ धान की खरीद शुरू कर दी गई। नतीजतन क्रय केंद्रों पर 14 दिन भी सन्नाटा ही छाया हुआ है। प्रशासन का कहना है कि किसान आ ही नहीं रहे जबकि किसानों को शिकायत है कि उन्हें केंद्र से वापस लौटा दिया जा रहा है। उन्हें कभी केंद्र से रजिस्ट्रेशन न होने की बात कह लौटाया जा रहा है तो कभी नमी की दलील दी जा रही है। नतीजा उन्हें उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बचाने के लिए ही सरकार ने इस बार 15 अक्तूबर से ही धान क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया था। जिले में विभिन्न खरीद संस्थाओं के 139 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से धान की खरीद की जानी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रुपये तय किया है। इनमें से 20 रुपये किसान को उतराई-सफाई के रुप में भुगतान करना है। जिले में अब तक दस हजार किसानों का पंजीकरण हो चुका है। इसके सापेक्ष करीब 12 सौ क्विंटल धान की खरीद हुई। धान खरीद में सुस्ती के लिए जिम्मेदार फसल अभी खेत में होने को कारण बता रहे हैं, जबकि तमामळ् किसान फसल काटकर बिक्री का इंतजार कर रहे हैं।
साधन सहकारी समिति घनश्यामपुर
यहां अभी तक कांटा, नमी मापक यंत्र और झरना आदि की व्यवस्था ही नहीं है। एक छटांक धान भी नहीं खरीदा जा सका है। इलाके के किसान धान दस किमी दूर बदलापुर स्थित विपणन शाखा पर बेचने को मजबूर हैं। लखनेपुर गांव निवासी बासुदेव सिंह ने बदलापुर में बुधवार को अपना 25 क्विंटल धान बेचा। क्रय केंद्र प्रभारी घनश्यामपुर संदीप सिंह ने बताया कि तमाम किसान कटाई-पिटाई में लगे हैं। विपणन शाखा के बदलापुर में स्थापित क्रय केंद्र अभी तक एक किसान ग्राम लखनेपुर निवासी बासुदेव सिंह से 24.80 क्विंटल की खरीद हो पाई है। केंद्र प्रभारी ज्ञानी गौतम ने बताया कि खरीद के लिए हम तैयार हैं। किसानों का इंतजार किया जा रहा है।
विपणन क्रय केंद्र महराजगंज
विपणन विभाग की ओर से महराजगंज में स्थापित क्रय केंद्र अपराह्न तीन बजे ही बंद मिला, जबकि केंद्रों को शाम 5 बजे तक खोला जाना है। विपणन क हिमांशु मिश्रा का कहना है कि सभी केंद्रों पर खरीद शुरू करा दी गई है। जिन किसानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ है और उन्हें टोकन मिल चुका है, उनकी खरीद की जा रही है। महराजगंज केंद्र पर बुधवार को खरीद हुई है। समय से पहले केंद्र बंद होने के बारे में जानकारी की जाएगी।
धान खरीद की नियमित समीक्षा की जा रही है। किसानों की शिकायत दर्ज करने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके नंबर 7839565156, 9389557857 पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक किसान अपनी परेशानी बता सकते हैं। लापरवाही बरतने वाले केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की जाएगी। -दिनेश कुमार सिंह, डीएम।