29 का चांद नहीं होने से अब ईद गुरुवार को मनाई जाएगी। इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई है। जहां ईदगाहों, मस्जिदों और घरों में रंगरोगन का काम पूरा कर लिया गया है वहीं ईद के लिए खरीदारी भी अंतिम चरण में हैं। मौसम खराब होने के बावजूद खरीदारों से बाजार गुलजार रहे। त्योहार को लेकर खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह रहा। उधर, सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने भी अपनी तैयारियों को अमली जामा पहना दिया है। नमाज के दौरान शहर में रूट डायवर्जन भी रहेगा।
ईद को देखते हुए ईदगाहों और मस्जिदों में देर रात तक तैयारियां की जाती रहीं। नमाज के लिए चटाइयां, वजू के लिए पानी का इंतजाम किया गया। खास तौर से मौसम को देखते हुए वाटरप्रूफ कनात आदि लगाने की तैयारियां भी की जाती रहीं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों को भी लगाया जार रहा था। मस्जिदों और ईदगाहों को जाने वाले रास्तों की साफ सफाई भी की गई।
उधर, घरों में ईदी की तैयारी एक सप्ताह पहले से ही शुरू हो गई है लेकिन मंगलवार को बाजार में खरीददारों की भीड़ कुछ ज्यादा ही दिखी। सेवईं की दूकानों पर काफी भीड़ देखी गई। कपड़े और जूता चप्पल की दूकानों पर नकाबपोश महिलाओं, बच्चों की दिन भर भीड़ उमडी रही। मौसम खराब होने के बाद भी बाजार खरीदाराें से गुलजार रहे। सेवईं, चीनी, नमकी, पापड़, खोवा की लोग खरीदारी करते रहे। बाजार में खोवा 220 रुपये प्रति किलो के भाव से बिका।
उधर, भीड़ के चलते शहर में पूरे दिन जाम जैसी स्थिति बनी रही। खासतौर से कसेरी बाजार, हरलालका रोड, नवाब यूसूफ रोड, कोतवाली और सब्जी मंडी तक भीड़ रह्री। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी चौराहों पर होमगार्डों के अलावा अलग से पुलिस बल की तैनाती की गई थी।