मानसून आने से पहले ही बृहस्पतिवार को कई क्षेत्रों में रिमझिम बारिश ने गर्मी की मार झेल रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। दोपहर में हुई बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया, वहीं जगह-जगह जलभराव से राहगीरों को आवागमन में फजीहत झेलनी पड़ी है। खेतिहर तबका खुशी से झूम उठा है। धान की नर्सरी डालने का क्रम तेज हो गया है।
मौसम विशेषज्ञों ने इस बार समय से पहले ही मानसून आने की संभावना जताई है। उनके अनुसार पूर्वी यूपी में 12-13 जून से मानसून आ सकता है। इससे पहले ही बृहस्पतिवार को जिले के मछलीशहर, सुजानगंज, मुंगराबादशाहपुर आदि क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। दोपहर में कुछ देर के लिए बारिश के चलते सड़कों पर जलजमाव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ी है। खेतों में भी पानी जमा हो गया है, जिससे अब खेती में किसानों को सहूलियत होगी। मौसम में परिवर्तन होते ही किसान धान की नर्सरी डालने में जोरों पर जुट गए हैं। जून के प्रथम सप्ताह से पंद्रह जून तक नर्सरी का कार्य पूर्ण करना होता है। वहीं सुगंधित प्रजातियों की नर्सरी जून के तीसरे सप्ताह में ही डाली जाती है। सबसे बड़ी राहत गर्मी की मार झेल रहे लोगों को मिली है। उमस और गर्मी से हर कोई त्रस्त था। अब बारिश के बाद ठंडी हवाओं और सुहाने मौसम से लोग आनंदित हैं। देर शाम शहर व आसपास के इलाकों में भी हल्की बूंदाबादी हुई।