जौनपुर। माहे रमजान की विशेष नमाज़ तरावीह में कुरआन-ए-पाक मुकम्मल होने का सिलसिला अब आखिरी है। अब्बासी मोहल्ला आदमपुर तुर्की बघैला नूरानी मस्जिद में तरावीह की नमाज़ पढ़ाने वाले हाफ़िज़ मो. सुबहान खेतासराय जौनपुर के रहने वाले है। नूरानी मस्जिद में हाफ़िज़ मो. सुबहान ने 29 दिन में तरावी, कुरआन ए पाक मुकम्मल कराया, जहां सैकड़ों की संख्या में रोजेदारों ने शिरकत कर तरावीह की नमाज अदा की। तत्पश्चात मस्जिद कमेटी के लोगों ने हाफिज़ मो. सुबहान की गुलपोशी कर उन्हें बधाई दी और अंत में मुल्क में अमन व अमान एवं भाईचारा के लिए दुआएं भी मांगी गईं। हाफिज़ मो. सुबहान ने बताया कि तरावीह रमज़ान का चांद देख कर शुरू करना है और ईद का चांद देख कर बंद करना है। ये 29 दिन की तरावीह का इंतजाम था। उन्होंने रमज़ान की अहमियत को बताते हुए कहा कि रोज़ा केवल खाने पीने से रुके रहने का नाम नहीं है बल्कि हमारे जिस्म के हर अंग का रोज़ा होना चाहिए, तभी हमारा रोजा मकबूल होगा। इस अवसर पर मास्टर जान मोहम्मद, डॉ. अब्बासी, शौकत अली, आश मोहम्मद, हाफिज अकरम, मोहम्मद आजाद समेत बड़ी संख्या में नमाज़ी उपस्थित रहे।