सुजानगंज। क्षेत्र के भीलमपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास रुद्रदेव महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। बताया कि किस प्रकार अत्याचारों से पीड़ित धरती को पापमुक्त करने के लिए भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। उन्होंने वर्णन किया कि मथुरा के कारागार में देवकी और वसुदेव के यहां जन्मे भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लेते ही अपने दिव्य स्वरूप का दर्शन कराया। उसी समय आकाशवाणी हुई कि यह बालक कंस के अत्याचारों का अंत करेगा। इसके बाद वसुदेव जी ने नवजात श्रीकृष्ण को सुरक्षित गोकुल पहुंचाया, जहां उनका पालन-पोषण नंद बाबा और यशोदा मैया ने किया। कृष्ण जन्म के इस पावन प्रसंग को सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। इसके बाद आरती कर भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर आयोजक नरेंद्र दास शुक्ल, आचार्य अभिषेक पांडेय सुल्तानपुर एवं समस्त भक्त उपस्थित रहे। यह कथा ग्रामीणों के सहयोग से कराई जा रही है। आयोजकों ने बताया कि भागवत कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, प्रेम और सद्भावना का संदेश फैलाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और सभी ने भक्ति भाव से कथा का रसपान किया।