06- बड़ी मस्जिंद में अलविद जुमा की नमाज पढ़ते मुस्लिम बंधु।
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जौनपुर। रमजान के अंतिम जुमे पर रोजेदारों ने नमाज के बाद कोरोना से मुक्ति की दुआ मांगी। प्रवासियों की दशा पर वह रो पड़े और नमाज के बाद उनके लिए विशेष दुआएं। बड़ी मस्जिद में मौलाना के साथ पांच लोगों ने नमाज पढ़ी। इस दौरान मौलाना ने ईद पर नए कपड़े और जूते खरीदने की बजाए पैसे को लॉक डाउन के कारण परेशान लोगों में दान करने की अपील की।
अलविदा जुमा पर जहां नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में जगह नहीं बचती थी। लोग सड़क पर नमाज पढ़ते थे। वहीं इस साल कोरोना वायरस के चलते सामाजिक दूरी बनाते हुए रोजेदारों ने घरों में अलविदा जुमार की नमाज पढ़ी। मस्जिदों में गिने चुने लोग ही नमाज पढ़ने पहुंचे। बड़ी मस्जिद में आए नमाजियों ने प्रवासी मजदूरों की त्रासदी मातम किया और रोते हुए रोते हुए अल्लाह से दुआ मांगी। इस दौरान मौलाना ने कहा कि इस साल नए कपड़े और जूते चप्पल ईद पर न खरीदें बल्कि उस पैसे को लॉकडाउन के चलते परेशान लोगों में दान करें। नगर के मीरमस्त मोहल्ला, मुल्ला टोला, पुरानी बाजार, मखदूमशाह अढ़न, पान दरीबा आदि इलाकों में लोगों ने घरों में अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी।
ईदगाह में नहीं पढ़ी जाएगी नमाज
मछलीशहर। स्थानीय कोतवाली परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार ईद की नमाज ईदगाह में नहीं पढ़ी जाएगी। घरों में ही ईद की नमाज पढ़ेंगे। बैठक एएसपी ग्रामीण संजय राय की अध्यक्षता में आयोजित थी। बैठक में मौजूद शहर ए इमाम अब्दुल कलाम ने प्रशासन को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हम सभी सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए घर मे ही ईद की नमाज अदा करेगे। बैठक में सीओ अवधेश कुमार शुक्ला, कोतवाल विजय कुमार चौरसिया, इश्तियाक खान,महमूद आलम,डॉ हस्सान आदि मौजूद थे।