रमजान माह में बिजली कटौती से लोगों में गुस्सा है। खासकर रोजेदारों के समक्ष बेहद परेशानी है। हर दो घंटे पर की जा रही कटौती से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी है। हालत यह है कि सहरी और इफ्तार के समय भी बिजली नदारद रहना आम बात है। पिछले महीने डीएम कैंप कार्यालय पर बिजली समस्या को लेकर स्थापित किया गया कंट्रोल रूम निर्रथक साबित हो रहा। 70 से अधिक ट्रांसफार्मर जले होने से स्थिति सुधर नहीं पा रही है।
रमजान माह में लोगों को उम्मीद थी कि बिजली की व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन समस्या बद से बदतर हो गई है। बिजली विभाग दावा तो शहर में 20, तहसील स्तर पर 18 और ग्रामीण क्षेत्र में 16 घंटे बिजली देने का कर रहा है, लेकिन शहर में 16, तहसील में 10 और ग्रामीण अंचलों में आठ घंटे बिजली बमुश्किल से मिल पा रही है। शहर के बड़ी मस्जिद फीडर की सप्लाई पर गौर करें तो 26 जून को 14 घंटे और 27 जून को 15 घंटे ही बिजली सप्लाई हुई।
कमोबेश यही स्थिति पुरानी बाजार फीडर की भी रही। 26 जून को 19 और 27 जून को 15 घंटे की सप्लाई हुई। वैसे भी सुबह नौ बजे से 11 बजे और शाम को चार बजे से छह बजे तक कटौती की जा रही है। इसके अलावा फाल्ट और इमरजेंसी के नाम पर कटौती कब हो जाएगी कहा नही जा सकता। स्थिति यह है कि मंगलवार की भोर में दो बजे से छह बजे तक बिजली अचानक गायब हो गई थी।
केराकत प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के पेशारा, बंजारेपुर, गंगापुर, मुर्की सहित कई गांवों बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इसके चलते लोग कई दिन से अंधेरे में हैं। पानी न मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में धान की खेती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मंगलवार को पेशारा के पूर्व प्रधान मोहम्मद असलम ने एसडीएम सहदेव मिश्रा को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया।
उधर, गौराबादशाहपुर प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में मात्र छह घंटे ही बिजली मिल रही है। ऊपर से लो वोल्टेज जिसकी वजह से कई गांवों में तो बस बल्ब के तार ही जलते हैं। ऐसे में खेती के सारे काम ठप पड़ गए हैं। लोग परेशान हैं। कबीरुद्दीनपुर उप केंद्र से करीब 72 गाँवो से बिजली की आपूर्ति की जाती है, और इन गांवों में 400 से भी ज्यादा अबैध मोटरे और करीब 12 आरा मशीने चलती है।