जौनपुर। लॉकडाउन, कोरोना कर्फ्यू, पंचायत चुनाव जैसे अतिरिक्त कार्यों की व्यस्तता के बावजूद पुलिस ने लंबित विवेचनाओं को पूरा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। जिसका नतीजा रहा कि इस साल पुलिस ने, मारपीट, हत्या, लूट, दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न, महिला अपराध जैसे अन्य आपराधिक मामलों की विवेचना में तेजी दिखाई है। मई 2020 से 30 अप्रैल के बीच पुलिस ने तकरीबन 64 फीसदी मामलों की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। जिले में महिला थाना समेत कुल 28 थाने हैं। इन थानों में मई 2020 तक 1110 मामलों की विवेचना लंबित थी। इनमें कई ऐसे मामलों की विवेचना अटकी हुई थी जो छह माह से लेकर एक साल से भी अधिक पुराने थे। मार्च 2020 से पहले पुलिस के पास न तो लॉकडाउन का पालन कराने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी थी और न ही पंचायत चुनाव जैसी व्यस्तता। फिर भी गुजरे वर्ष में पुलिस की विवेचना की रफ्तार बेहद धीमी थी। इस साल अतिरिक्त व्यस्तताओं के बाद भी पुलिस ने विवेचना के काम में तेजी दिखाई है। पुलिस के आकड़ों के मुताबिक इसी महीने हुई समीक्षा में पाया गया है कि अप्रैल महीने तक विभिन्न थाने की पुलिस ने 707 मामलों की विवेचना पूरी कर ली है। 403 मामलों की विवेचना अभी लंबित है।