जौनपुर में पुलिस की पाठशाला
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उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद करीब डेढ़ से दौ सौ लोगों को डायल 112 के बारे में बताया। साथ ही बताया कि किस तरह से उनको अनजान लोगों से बचकर चलना है। साथ ही अगर वे घर में अकेले हैं तो किसी भी अनजान व्यक्ति को घर के बारे में न बताएं और अगर उन्हें कुछ गड़बड़ लगे तो इसके लिए वह तुरंत फोन करके अपने माता-पिता को बताएं।
यातायात नियमों का पालन करना जरूरी
उन्होंने बताया कि बच्चे 18 साल के बाद भी अपने मां-बाप से पूछकर ही काम करें। एएसपी सिटी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचने लिए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना हेलमेट के बाइक न चलाएं। इस दौरान अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी राजीव यादव और संचालन पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय व आभार ज्ञापन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अमित सिंह ने किया।
सीओ गौरव शर्मा ने छात्र-छात्राओं के साथ दोस्त की भूमिका में नजर आए। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। साथ ही इंटरनेट, फेसबुक, व्हाट्सएप के इस्तेमाल के लिए बताया और उसमें समझाया कि अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को कभी भी स्वीकार न करें, इंटरनेट को जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें।
साथ ही पुलिस से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियां भी दीं। छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनके उनके अंदर पुलिस को लेकर उत्पन्न भय को खत्म किया। वहीं, बच्चों ने भी अधिकारियों के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई, तो उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।
बीएसए ने गुड टच और बैड टच की दी सीख
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ बैड टच होता है तो उसके लिए वे फौरन माता-पिता अपने दोस्त, टीचर या पुलिस को बता सकते हैं।