पांच लाख की मांग, नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी
सुशील ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उससे पांच लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर अवैध असलहे के साथ ही गांजे सहित अन्य मादक पदार्थ रखकर एनडीपीएस के दो मुकदमों में जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उसे परिवार के लोगों से बात कर रुपये मंगाने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ित के अनुसार वह बेरोजगार है। कृषि कार्य करता है इसलिए इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करना उसके लिए मुश्किल था।
299 रुपये भी खाते से ट्रांसफर किए
पीड़ित ने बताया कि परिवार के लोग सुरेरी थाने पहुंचे तो बातचीत के बाद 1.05 लाख रुपये नकद दिए गए। मारपीट कर मोबाइल का यूपीआई नंबर पूछकर वंशनारायण गिरि के खाते में तीन बार ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराई गई। इनमें 55 हजार, पांच हजार और 299 रुपये शामिल हैं। पीड़ित ने तीनों लेनदेन की तारीख, समय और ट्रांजेक्शन आईडी के साक्ष्य भी दिए हैं। आरोप है कि रुपये लेने के बाद शिकायत करने पर वीडियो वायरल करने, पैर में गोली मारने और पूरे परिवार को मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
सीसीटीवी, वीडियो और हस्ताक्षर किए कागज सुरक्षित कराने की मांग
पीड़ित ने एसपी से 13 सितंबर की सुरेरी थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही असलहा हाथ में पकड़ा कर बनाए गए वीडियो और उससे हस्ताक्षर कराए गए कागज को भी सुरक्षित कराने का अनुरोध किया है। उसने इन्हें कथित फर्जी बरामदगी का महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।
एसपी ग्रामीण करेंगे जांच
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने पूरे मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी है। जांच में पीड़ित के आरोपों के साथ थाने की सीसीटीवी फुटेज, कथित वीडियो, हस्ताक्षरित कागज और ऑनलाइन लेनदेन के विवरण की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पीड़ित की तहरीर पर थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी गई है। -कुंवर अनुपम सिंह, एसएसपी