फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: पांच लाख दो, नहीं तो जेल भेज देंगे... वसूली के आरोप में चार अज्ञात पुलिसकर्मियों सहित छह पर एफआईआर

Wed, 23 Sep 2026 10:39 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

अवैध असलहे में फंसाने और जबरन वसूली के आरोप में चार अज्ञात पुलिसकर्मियों सहित छह पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि शख्स को मंदिर जाते समय कार में बैठाकर सुरेरी थाने ले जाया गया। असलहा पकड़ाकर वीडियो बनाया गया। 
विज्ञापन
छह आरोपियों पर केस दर्ज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिलबिला निवासी सुशील कुमार पांडेय को अवैध असलहा देकर फर्जी मुकदमे में फंसाने व डराकर रुपये वसूलने के मामले में मंगलवार की देर शाम सुरेरी थाने की पुलिस ने राजेंद्र दुबे, वंशनारायण गिरि और चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, लूट, जबरन वसूली सहित अन्य आरोपों प्राथमिकी दर्ज की है। एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने मामले की जांच एसपी ग्रामीण आशीष कुमार को दी है। पुलिस के मुताबिक राजेंद्र ने पीड़ित को बुलाया और वंशनारायध के बैंक खाते में पैसा मंगवाया गया था। इसकी साजिश सादी वर्दी में आए चार अज्ञात पुलिसकर्मियों ने रची थी।

विज्ञापन


सुशील कुमार पांडेय ने एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में बताया था कि 13 सितंबर की सुबह वह घर से करीब 500 मीटर दूर मंदिर में पूजा करने जा रहे थे। इसी दौरान उसके परिचित राजेंद्र दूबे का फोन आया और उसे मिलने के लिए बुलाया। वह मुख्य हाईवे की ओर पहुंचा तो राजेंद्र कार में बैठा मिला। आरोप है कि उसके पास पहुंचते ही चार अन्य लोग वहां आए और जबरन उसे कार में बैठा लिया। 

आरोप है कि सभी ने खुद को पुलिसकर्मी बताया, लेकिन किसी ने वर्दी या पहचान पत्र नहीं दिखाया। इसके बाद उसे सुरेरी थाने ले जाया गया। उसे वाराणसी से बाहर जौनपुर के सुरेरी थाने ले जाने से पहले स्थानीय थाने को कोई सूचना नहीं दी गई। थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने अवैध असलहा हाथ में पकड़ा दिया और उसका वीडियो बना लिया। पुलिसकर्मियों ने उसे असलहा तस्कर बताने का प्रयास किया और वसूली का दबाव बनाया। सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए जिस पर ऊपर दो-तीन लाइनें लिखी हुई थीं।

विज्ञापन

पांच लाख की मांग, नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी
सुशील ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उससे पांच लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर अवैध असलहे के साथ ही गांजे सहित अन्य मादक पदार्थ रखकर एनडीपीएस के दो मुकदमों में जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उसे परिवार के लोगों से बात कर रुपये मंगाने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ित के अनुसार वह बेरोजगार है। कृषि कार्य करता है इसलिए इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करना उसके लिए मुश्किल था।

299 रुपये भी खाते से ट्रांसफर किए
पीड़ित ने बताया कि परिवार के लोग सुरेरी थाने पहुंचे तो बातचीत के बाद 1.05 लाख रुपये नकद दिए गए। मारपीट कर मोबाइल का यूपीआई नंबर पूछकर वंशनारायण गिरि के खाते में तीन बार ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराई गई। इनमें 55 हजार, पांच हजार और 299 रुपये शामिल हैं। पीड़ित ने तीनों लेनदेन की तारीख, समय और ट्रांजेक्शन आईडी के साक्ष्य भी दिए हैं। आरोप है कि रुपये लेने के बाद शिकायत करने पर वीडियो वायरल करने, पैर में गोली मारने और पूरे परिवार को मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
विज्ञापन

सीसीटीवी, वीडियो और हस्ताक्षर किए कागज सुरक्षित कराने की मांग
पीड़ित ने एसपी से 13 सितंबर की सुरेरी थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही असलहा हाथ में पकड़ा कर बनाए गए वीडियो और उससे हस्ताक्षर कराए गए कागज को भी सुरक्षित कराने का अनुरोध किया है। उसने इन्हें कथित फर्जी बरामदगी का महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।

एसपी ग्रामीण करेंगे जांच
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने पूरे मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी है। जांच में पीड़ित के आरोपों के साथ थाने की सीसीटीवी फुटेज, कथित वीडियो, हस्ताक्षरित कागज और ऑनलाइन लेनदेन के विवरण की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पीड़ित की तहरीर पर थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी गई है। -कुंवर अनुपम सिंह, एसएसपी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें