जौनपुर जिले के धर्मापुर ब्लाक के कुरेथू गांव में चकबंदी प्रक्रिया मंगलवार को भारी फोर्स की मौजूदगी में अफसरों ने शुरू करा दी। इस दौरान चकबंदी का विरोध करने वालों से पुलिस की तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठियां भांजी। घटना में ग्राम प्रधान समेत आठ लोग घायल हुए हैं। जवाब में ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर भी चलाए। इसमें डिप्टी कलेक्टर, ट्रैफिक सीओ तीन लोगों को भी हल्की चोटें आईं। पुलिस ने गांव के 40 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कुरेथू गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीण दो खेमे में बंटे हुए हैं। एक पक्ष चकबंदी कराना चाहता है तो दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा हैं। तीन वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया इसके चलते अटकी हुई है। सोमवार को गांव पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अफसरों को घंटों मशक्कत के बाद लौटना पड़ा था। मंगलवार भारी फोर्स के साथ अफसर गांव पहुंचे।
डिप्टी कलेक्टर मंगलेश दुबे, सीओ यातायात राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने चकबंदी शुरू कराई तो एक पक्ष के लोग विरोध जताने लगे। पुलिस ने पहले तो उन्हें समझाने की कोशिश की। बात न बनने पर लाठियां भांजनी शुरू की। इससे भगदड़ मच गई। इसमें ग्राम प्रधान राजदेव कन्नौजिया, सविता देवी, रामअवतार उर्फ़ करिया, निशा, सुशीला, अलखनारायण, मदन, पप्पू घायल हो गए।
जवाब में ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर चलाए। इसमें डिप्टी कलेक्टर मंगलेश कुमार दुबे, यातायात सीओ राजेंद्र कुमार और महिला आरक्षी सीमा को भी चोटें आई। पुलिस ने विरोध कर रहे चालीस लोगों पर केस दर्ज किया है। उनकी तलाश की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पीएसी और महिला पुलिस को तैनात किया गया है। डिप्टी कलेक्टर मंगलेश दुबे ने बताया कि कुछ लोग निजी हित में विरोध कर रहे थे। उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। चकबंदी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।