करीब 25-30 लोगों की भीड़ को लेकर प्रदर्शन के दौरान उग्र हो गई। नारेबाजी के बीच माहौल बलवे का बनने लगा। एलआईयू से इस तरह की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने बलवाइयों को खदेड़ते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार कर स्थिति पर काबू पाया। घायलों को ले जाने के लिए पुलिस ने एंबुलेंस भी बुलाई।
यह कोई हकीकत नहीं थी बल्कि पुलिस लाइन में पुलिस ने रविवार को बलवे से बचाव का मॉकड्रिल किया था। एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा के निर्देशन में करीब दो घंटे तक बलवा पर नियंत्रण के लिए मॉकड्रिल चला। परेड ग्रांउड पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने ड्रिल कराई। कब क्या करना है, कैसे भीड़ को नियंत्रित करना है, कैसे एलआईयू की टीम आमजन के बीच से सूचना एकत्रित करती है, बवाल होने के बाद कैसे एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल भेजा जाता है इसका अभ्यास किया गया। बलवा ड्रिल में एलआईयू, नागरिक पुलिस, फॉयर सर्विस, आंसूगैस, लाठी पार्टी, फायर पार्टी, रिजर्व पार्टी, फस्ट ऐड, वीडियो ग्राफी पार्टी आदि शामिल थीं।