मलूकपुर गांव में सिंचाई के लिए निकले दंपती के लापता होने के मामले में पुलिस ने हत्या की पुष्टि तो कर दी लेकिन घटना के चार दिन बीतने के बाद भी शव बरामद नहीं हो सके हैं।
अब पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी पूर्व प्रधान कमलेश सिंह की रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। रिमांड के दौरान आरोपी से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि नहर में शव नहीं मिले तो उसने किसी अन्य स्थान पर तो नहीं छिपा दिया। शवों की तलाश के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं।
बुधवार को 50 लोग और गोताखोर नहर को खंगालने में जुटे रहे। गांव निवासी रामचरित्र गौतम (58) अपनी पत्नी किस्मती देवी (56) के साथ रविवार की सुबह घर से 400 मीटर दूर बंटाई पर ली गई जमीन में फसल की सिंचाई करने गए थे। करीब एक बिस्वा खेत की सिंचाई हो गई थी।
इसी दौरान पड़ोसी काश्तकार पूर्व प्रधान सिंह कमलेश सिंह और अन्य की फसल की सुरक्षा के लिए लगाई गई बाड़ में प्रवाहित करंट की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई।
पूर्व प्रधान ने कबूल किया कि काश्तकारों ने साक्ष्य मिटाने के लिए उनके शवों को वाहन से शारदा सहायक नहर में फेंक दिया। दंपती की साइकिल, फावड़ा और चप्पल खेत से बरामद हुए थे।
हालांकि, पुलिस अब तक पति-पत्नी के शवों को बरामद नहीं कर सकी है।
सीओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि दंपती की हत्या के आरोपी पूर्व प्रधान कमलेश सिंह की पांच दिन की कस्टडी के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।
इस दौरान शवों के बारे में पूछताछ की जाएगी। बुधवार की शाम तक नहर में दोनों के शवों की तलाश की जाती रही।