शीतलहरी और गलन ने शुक्रवार को हाड़ कंपा दिया। पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। लोग घर के अंदर रजाई में दुबके रहे। इस बीच ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में 11 जनवरी तक अवकाश का निर्देश दे दिया।
समूचा जिला शीतलहरी की चपेट में है। पखवारेभर से कहर बनकर टूटी ठंड का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक जिले में ठंड से लगभग 28 लोगों की मौत हो चुकी है। यह बात दीगर है कि प्रशासन के रिकार्ड में ठंड से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है। शुक्रवार को 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चले पछुआ हवा के थपेड़ों ने लोगों को हिलाकर रख दिया।
कालेज जाने वाले छात्र-छात्राओं की मुश्किलें भी बढ़ी रहीं। शहर के एक कालेज की छात्रा अंशिका ने कहा कि कक्षा में बैठना भी मुश्किल हो गया है। ठंड के चलते क्लास के दौरान कलम पकड़ना मुश्किलों का सबब बन चला था। छात्र-छात्राओं की इस समस्या को कालेज प्रशासन नहीं समझ रहे।
कुछ ऐसी ही पीड़ा बीए की छात्रा खुशबू ने भी बयां की। उन्हाेंने कहा कि जबर्दस्त शीतलहर में घर से निकलने की हिम्मत नहीं होती, लेकिन कालेज चलता है तो जाना पड़ता है। कॅरियर के लिहाज से पढ़ाई भी जरूरी है। हालांकि शुक्रवार को शीतलहरी के बावजूद आर्र्दता का प्रतिशत घट कर 77 प्रतिशत के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया।
गिरते तापमान के बीच दिनभर बदली का माहौल बने रहने के कारण गलन ने लोगों के छक्के छुड़ा दिए। जहां-तहां लोग अलाव से चिपके नजर आए। गलन बढ़ने के कारण शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। मौसम के जानकारों का कहना है कि कड़ाके की ठंड फरवरी भर लोगों को सताएगी।