जौनपुर। मोडिफाइड साइलेंसर वाली बाइक खासकर बुलेट जनपद खूब दौड़ रही हैं। युवाओं में इसे लेकर क्रेज भी है। जबकि इनकी तेज आवाज से लोगों को परेशानी होती है और हादसे का भी कारण बनती है। शासन ने अभियान चलाने का निर्देश दिया है। पिछले तीन दिन में परिवहन विभाग ने ऐसे आठ वाहनों का चालान किया है।
बाइक में तमाम लोगों ने मोडिफाइड साइलेंसर लगवा लिया है। खासकर युवा मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर बुलेट दौड़ाते हैं। बाइक से निकलने वाली पटाखे और धमाके जैसी आवाज से लोग सहम जाते हैं। इससे ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ता है, क्योंकि 80 डेसिबल से अधिक आवाज होने पर कान और हृदय पर असर पड़ता है। लोगों का कहना है कि मोडिफाइड साइलेंसर की तेज आवाज से बुजुर्ग और बच्चे सहम जाते हैं। इतनी आवाज होती है कि दोपहिया वाहन चालक कई बार अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। हालांकि, पुलिस चेकिंग लगाती है, लेकिन बावजूद इसके शरारती तत्व बाज नहीं आ रहे हैं। शहर, मछलीशहर, मड़ियाहूं और शाहगंज क्षेत्र में इन दिनों मोडिफाइड साइलेंसर लगे बाइकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तेज आवाज करने वाले इन वाहनों से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार, स्कूल, अस्पताल और आवासीय क्षेत्रों में दिन-रात फर्राटा भरते बाइक सवार ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं। तारापुर कॉलोनी निवासी आद्या प्रसाद, मुंगराबादशाहपुर निवासी मेवालाल, मछलीशहर निवासी रामलाल गुप्ता, केराकत निवासी जितेंद्र का कहना है कि तेज धमाकेदार आवाज से बुजुर्ग, मरीज और छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई बार राहगीर डरकर असंतुलित भी हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस व परिवहन विभाग से अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।
दस हजार रुपये जुर्माने और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान
परिवहन विभाग के मुताबिक केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 120 के तहत किसी भी प्रकार का अनधिकृत मॉडिफिकेशन प्रतिबंधित है। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के अंतर्गत 10,000 रुपये तक का जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है, जबकि धारा 53 के तहत वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र भी निलंबित किया जा सकता है।
मोडिफाइड साइलेंसर वाले वाहन तेज आवाज करते हैं। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई का शासन से आदेश मिला है। जिले में अभियान चलाया जा रहा है। अब तक आठ गाड़ियों का चालान किया गया है। यह अभियान जारी रहेगा। - सत्येंद्र सिंह, एआरटीओ।