जलालपुर। अंतरराष्ट्रीय नारी महाकुंभ के नौवें और अंतिम दिन देश भर से आए जगद्गुरु, महामंडलेश्वर, महंत एवं संतों ने सिद्धपीठ बड़कू हनुमान आश्रम के पीठाधीश्वर प्रभु रामदास को तिलक लगाकर एवं चादर ओढ़ाकर महंत नियुक्त किया।
जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने प्रभु रामदास को महंत प्रभु रामदास कहकर घोषणा की। इस अवसर पर वृंदावन से आए जगद्गुरु भैया महाराज ने कहा कि पूरी दुनियां में अंतरराष्ट्रीय नारी महाकुंभ ने एक इतिहास रच दिया है।
इस महाकुंभ के प्रभाव के चलते नारी शक्ति भारत की संस्कृति की रक्षा के लिए नेतृत्व करेगी। अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़ा अयोध्या के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत मुरली दास ने कहा कि मैंने बहुत कुंभ देखे लेकिन जौनपुर का नारी महाकुंभ नारी की महत्ता को जाग्रत करने वाला है।
आने वाले समय में नारी महाकुंभ अन्य स्थानों पर भी लगेगा। विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष एवं राम पंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरु जी ने कहा कि संतों ने धर्मा देश जारी कर दिया है कि महिलाएं धर्मांतरण के विरुद्ध स्वयं को तैयार करें। गांव में जानकी की पूजा का अभियान चलेगा ताकि महिलाएं निडर और निर्भीक हो सके। समापन समारोह में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली, नोएडा, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य हिस्सों से संत आए थे।
कार्यक्रम में जगद्गुरु भईया महाराज, जगद्गुरु, बालक देवाचार्य, महंत मुरली दास महाराज, महंत अवधेश दास महाराज, महंत गौरी दास महाराज, महंत बलराम दास महाराज, महंत अनिरुद्ध दास महाराज, महंत जगदीश्वर दास महाराज, साध्वी राम प्रिया दास, देवी श्वेताम्बर आिद रहीं।