स्थानीय थाना क्षेत्र के कुल्हनामऊ गांव की दलित बस्ती में सोमवार को एक व्यक्ति ने कई सालों से बने खड़ंजे को उखाड़ कर फेंक दिया। इसके विरोध में बस्ती के लोगों ने अलीगंज बाजार में हाईवे जाम कर विरोध जताया।
जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर यातायात बहाल करवाया। रास्ता जाम करने वालों का कहना है कि उनकी बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पांच साल पहले खड़ंजा लगवाया गया था।
सोमवार को गांव निवासी रविशंकर मिश्रा ने यह कहते हुए खड़ंजा उखाड़ दिया कि रास्ता उनके खेत से बनाया गया है। खड़ंजा उखाड़े जाने से बस्ती के लोगों का मुख्य मार्ग से सम्पर्क टूट गया है।
उधर रविशंकर मिश्रा का कहना है कि वह मुंबई रहते हैं। बिना पैमाइश कराए ही जबरन तत्कालीन प्रधान ने उनके खेत से खड़ंजा बनवा दिया था। इसकी गुहार वह प्रशासनिक अफसरों से लेकर कोर्ट तक लगा चुके हैं लेकिन कहीं से उन्हें
न्याय नहीं मिला। प्रशासनिक अफसरों ने पैमाइश तक नहीं कराई। कई बार तहसील और थाना दिवस में भी फरियाद की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसकी वजह से ही खड़ंजा उखाड़ा है। अब पैमाइश होने के बाद ही खड़ंजा लगाने देंगे।
वैसे दबी जुबान से लोग इसे ग्राम पंचायत चुनाव से भी जोड़कर देख रहे हैं। यद्यपि रविशंकर चुनाव नहीं लड़े थे लेकिन चर्चा है कि उन्होंने जिसे समर्थन दिया था उसे वोट नहीं दिया। एसओ महेंद्र यादव का कहना है कि इस मामले में तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।