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भारतीय सीमा से ही मछुआरों को पाक सेना ने पकड़ा

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मछलीशहर। पाकिस्तान सेना की चंगुल से लौटे मछुआरों का दावा है कि पाक नौसेना ने भारतीय सीमा में आकर उनके साथियों को पकड़ा है। मछलीशहर के नंदापुर गांव निवासी मुकेश और रमेश ने बताया कि अगस्त 2021 में वह रोजी-रोटी के सिलसिले में गुजरात गए थे। उनके साथ चौबेपुर (नेवढिया) के राजनाथ बिंद, बसिरहा के विनोद कुमार बिंद, घुरहू बिंद, नंदापुर निवासी लालमनि बिंद, सुरेश बिंद, बरसठी क्षेत्र के हंसिया निवासी मुलायम बिंद, भदोही के सुरियावां भटेवरा निवासी नीरज, सुल्तानपुर लम्भुआ के चांदा निवासी सभाराज निषाद भी गए थे। वहां समुद्र में मछली मारने का काम मिला। आठ फरवरी की भोर में हम लोग 25 बोट लेकर मछली मारने के लिए गए। नाव पाकिस्तान की सीमा की तरफ चली गई। वहां पाक की नौसेना हमको घेरने लगी, हम 12 बोट लेकर वापस हो गए, लेकिन 13 बोट को उन्होंने कब्जे में ले लिया, जिसमें हमारे साथी भी थे। वहां से भागने के बाद हम ट्रेन से 19 फरवरी को घर पहुंचे।
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किसी की बहन की शादी तो बाकी को घर खर्च की चिंता : कोतवाली क्षेत्र के बसिरहा और नंदापुर के बिंद परिवार एक-दूसरे के संगे-संबंधी हैं। घर के मुखिया के जेल जाने से वह परिवार के भरण पोषण को लेकर चिंतित हैं। इनमें बरसठी क्षेत्र के हंसिया गांव निवासी मुलायम की बहन की 7 जून को शादी है। उसके जेल जाने से परिवार के लोग शादी को लेकर परेशान हैं। घर की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधे पर है।
दूसरी बार पाकिस्तानी जेल में बंद हुए घुरहू और विनोद : साल 2005 में बसिरहा के घुरहू और विनोद 2 साल 7 माह के बाद पाकिस्तान की जेल से लौटे थे। वे दूसरी बार पाकिस्तान सेना की गिरफ्त में आ गए हैं। विनोद बिंद के परिवार में आठ सदस्य हैं। उनके छोटे भाई गिरधारी ने बताया कि उन्हें भी तीन साल पहले मछली मारने के दौरान पाक नौसेना ने पकड़ लिया था। सरकार ने किसी तरह उन्हें रिहा करवाया था। वहीं घुरहू बिंद की पत्नी ने रोते हुए बताया कि उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। वही अकेले कमाने वाले हैं, एक बार किसी तरह से छुड़ाया गया था अब फिर वही कहानी हो गई। चौबेपुर गांव के राजनाथ बिंद के घर की माली हालत अच्छी न होने से मछली पकड़ने का कार्य करते थे। तीन वर्ष पहले किसी तरह से छूटकर घर आए थे।
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गांव वालों के कहने पर पति को भेजा था गुजरात : नंदापुर निवासी लालमणि बिंद की पत्नी कुसुम ने रोते हुए बताया कि गांव वालों के कहने पर वह पहली बार गुजरात गए। अब हमारा घर चलाने वाला कोई नहीं है। चार साल की बेटी पापा को पूछ रही है। घर में बूढ़ी सास है, जीवन कैसे कटेगा। इसी गांव के सुरेश बिंद भी पहली बार गुजरात गए थे। उनकी पत्नी अनीता 14 साल की बेटी और 16 साल के बेटे के साथ किसी तरह घर चला रही हैं। सुरेश कुमार उर्फ गुड्डू के परिवार में मां सुदामा, पत्नी अनीता के अलावा एक पुत्र और पुत्री हैं। लालमणि उर्फ मन्नू के परिवार में मां दुर्गावती पत्नी कुसुम के अलावा तीन बच्चे हैं।
बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए नीरज : भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के कनकपुर गाव निवासी नीरज बिंद की एक वर्ष पहले शादी हुई है। दो माह पहले बेटी का जन्म हुआ है। वे बेटी का चेहरा भी नहीं देख सके हैं।
इस मामले में जौनपुर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि मुझसे किसी से मुलाकात नहीं हुई थी। समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है। नियमानुसार पता कराकर जो भी कार्यवाही हो सकती कराई जाएगी।
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