फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

89 क्रय केंद्रों पर हो रही धान की खरीद,एक पखवारा से 66 हैं बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। जिले में इस समय मात्र 89 क्रय केंद्रों की ओर से धान की खरीद की जा रही है। कारण एक पखवारा पहले 66 क्रय केंद्रों की ओर से शासन के निर्देश से धान की खरीद नहीं की जा रही है। इसके कारण जिले में धान खरीद की गति काफी धीमी हो गई है। अभी तक जिले में 14 लाख एमटी धान की खरीद हुई है, जबकि 15 लाख 19 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य है। लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी भी 32 दिन बाकी है, जिसमें कुल एक लाख 19 हजार धान की खरीद किया जाना शेष है।
विज्ञापन

जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं, जिनके ओर से एक लाख 47 हजार हेक्टेयर खेत में धान की खेती गई थी। मौसम अनुकूल रहने से इस बार धान की अच्छी पैदावार हुई थी। कुल 36 लाख 75 हजार कुंतल धान पैदावार हुआ था। किसानों को धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़े। वे आसानी से धान बेच सके। इसके लिए जिले में पांच एजेंसियों के 155 धान क्रय केंद्र खोले गए थे, जिनको 15 लाख 19 हजार एमटी धान की खरीद करने का लक्ष्य दिया गया है। धान की खरीद क्रय केंद्रों की ओर से शुरू की गई है, लेकिन 66 क्रय केंद्रों की ओर से धान खरीद का भुगतान किसानों को ठीक से नहीं की जा रही थी। शासन ने इन क्रय केंद्रों को धान की खरीद करने से मना कर दिया है। इसके बाद 15 दिनों से इन क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया। इससे अब केवल 89 क्रय केंद्र धान की खरीद करने का कार्य कर रहे हैं। इसमें मार्केटिंग के 23 और पीसीएफ के 66 क्रय केंद्र हैं। क्रय केंद्र के बंद होने का असर धान खरीद पर भी पड़ा है। तेजी से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। अभी तक मात्र 14 लाख एमटी धान की खरीद की गई है। अभी भी एक लाख 19 हजार एमटी धान की खरीद की जानी बाकी है। इसे खरीदने के लिए मात्र 32 दिन शेष बचा है।
साढ़े सात हजार किसानों का बकाया है 90 करोड़
जौनपुर। धान खरीद करने के बाद किसानों को भुगतान करने का समय भले ही 72 घंटे हो, लेकिन किसानों को इस तय समय में भुगतान नहीं हो पा रहा है। कई किसान सप्ताह भर से तो कई किसान एक-एक माह से भुगतान के लिए क्रय केंद्रों से लेकर जिम्मेदारों तक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनको मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक कुल 25 हजार किसानों से 271 करोड़ 37 लाख रुपये का धान खरीदा गया है, लेकिन सिर्फ 17500 किसानों का 180 करोड़ 42 लाख रुपये भुगतान किया गया है। अभी भी सात हजार 500 किसानों का 90 करोड़ 94 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है।
विज्ञापन

पीसीएफ के 40 धान क्रय केंद्रों पर डंप पड़ा है धान
जौनपुर। पीसीएफ के 40 क्रय केंद्रों पर अभी भी धान डंप पड़ा हुआ है। इसके कारण खरीद तेज गति से नहीं हो पा रही है, जबकि कुल 66 क्रय केंद्र खोले गए हैं। पीसीएफ प्रबंधक उमेश कुमार यादव ने बताया कि क्रय केंद्रों पर डंप पड़े धान का उठान किया जा रहा है। इस दौरान राइस मिल पर जैसे-जैसे धान की कुटाई हो रही है। वैसे-वैसे धान का उठान हो रहा है। क्रय केंद्रों से रोज धान का उठान हो रहा है, जिससे खरीद प्रभावित नहीं हो रही है।
वर्जन
धान खरीद का भुगतान ठीक से न होने के कारण 66 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। इससे इस समय सिर्फ 89 क्रय केंद्रों से ही धान की खरीद की जा रही है। सर्वर डाउन रहने, आधार से खाता लिंक न रहने और बैंक खाता नंबर गलत रहने से किसानों का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। इस समय 40 क्रय केंद्रों पर धान डंप है। इन क्रय केंद्रों से रोज धान का उठान कराया जा रहा है। इससे खरीद प्रभावित नहीं हो रही है। - एनके पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें