राष्ट्रीय इंटर कालेज सुजानगंज परिसर में चल रहे नौ दिवसीय राम कथा के छठवें दिन स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कहा कि दूसरों का सुख छिनने वाले लोग राक्षस की श्रेणी में आते हैं, जो दूसरों का दुख दूर करे, वहीं भगवान है।
प्रभु कभी भी अपने भक्तों का दुख नहीं देख सकता। रामकथा सुनने का अधिकार सबसे अधिक महिलाओं को है। शंकर जी ने काम को जलाया और श्रीराम को गले से लगाया।
बेटी में सद्गुण उसका सबसे बड़ा दहेज होता है। संस्कृति की रक्षा के लिए सभी को आगे आना होगा। गुरु की सेवा के लिए नि:स्वार्थ भाव से शिष्य को काम करना चाहिए।
तभी उसे ज्ञान रूपी विद्या की प्राप्ति होती है। इससे पहले कार्यक्रम के आयोजक मुख्य यजमान अजय शंकर दूबे ने माल्यापर्ण कर स्वामी रामभद्राचार्य का स्वागत किया।
इस मौके पर दिनेश दूबे, ब्रह्मदेव दूबे, बाबा दूबे जादूगर, जय प्रकाश त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, कमलाशंकर मिश्र आदि मौजूद रहे। प्रधानाचार्य सुरेशचंद्र दूबे ने सभी का आभार जताया।
उधर, बख्शा के सुजियांमऊ गांव स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे रुद्राभिषेक में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर श्रीपति, रामलगन उपाध्याय, महेंद्र कुमार, विवेक, विजय, अनिल, राहुल, शुभम, दुर्गेश, शिवम, अर्जुन, पवन आदि मौजूद थे।