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चेयरमैन समेत सात पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश

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शाहगंज। सीजेएम की अदालत ने नगर पालिका परिषद की चेयरमैन गीता जायसवाल, उनके पति भाजपा नेता प्रदीप जायसवाल समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोतवाली पुलिस को दिया है। इन पर फर्जी तरीके से नाम चढ़ाकर बैनामा कराने का आरोप है।
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पुराना चौक मोहल्ला निवासी अमरनाथ पुत्र स्वर्गीय भोलानाथ ने न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वर्तमान में वार्ड संख्या 10 मोहल्ला एराकियाना स्थित अहाता नंबर 10 जो वर्ष 1982 में जारी अभिलेख में उनके पिता भोलानाथ, लक्ष्मण और रामचंदर के नाम दर्ज था। वर्ष 2006 में उनकी माता समेत अन्य का नाम भी बैनामा के आधार पर इस संपत्ति पर दर्ज हुआ। बाद में तमाम वारिसों के नाम भी दर्ज होते रहे और बैनामा होता रहा। आरोप है कि चेयरमैन गीता जायसवाल, उनके पति प्रदीप जायसवाल और अन्य ने साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सभी मालिकान का नाम काटकर राजेश कुमार पुत्र शिवकुमार का नाम दर्ज कर दिया। न्यायालय में वादी का आरोप यह भी है कि चेयरमैन पक्ष द्वारा नामांतरण कार्यवाही से पहले प्रार्थी पर कौड़ी के भाव संपत्ति बेचने का दबाव बनाया गया। मना करने पर दूसरे का नाम चढ़ाकर संपत्ति ले लेने और जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में उक्त संपत्ति को चेयरमैन गीता जायसवाल व उनके पति प्रदीप ने राजेश कुमार से अपने भतीजे अनुराग जायसवाल के नाम बैनामा लिखवा लिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शनिवार को चेयरमैन गीता जायसवाल, उनके पति प्रदीप जायसवाल, भतीजे अनुराग जायसवाल, नगर पालिका परिषद के कर लिपिक श्रीराम शुक्ल, राजेश कुमार पुत्र शिवकुमार, सुशीला पत्नी राजेश, चंचल जायसवाल के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश पारित किया। अदालत ने कहा है कि एफआईआर की रिपोर्ट तीन दिन के भीतर न्यायालय के समक्ष पेश की जाए। मामले में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार आर्य ने बताया कि एक महीने पूर्व उक्त प्रकरण में न्यायालय द्वारा आख्या मांगी गई थी, जिसे भेजा भी गया। मुकदमा दर्ज करने का आदेश अभी थाने पर आया नहीं है।
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