जिले के सभी 21 ब्लाकों में मतों का पिटारा रविवार को सुबह आठ बजे ही खुल गया। दोपहर बाद बीडीसी के परिणाम आने शुरू हो गए और प्रत्याशियों की किस्मत चमकने लगी। कोई जीता तो कोई हार गया। जीतने वालों में कई ताकतवर
लोगों के परिवार के लोग भी शामिल हैं। प्रशासन ने वैसे जुलूस पर पाबंदी लगाई थी फिर भी लोगों के उत्साह के आगे कोई नियम नहीं चल सका। जिले में 83 जिला पंचायत सदस्य और 2077 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के लिए चुनाव हुआ था।
जिला पंचायत के लिए कुल 1498 और बीडीसी के 11997 प्रत्याशी अपनी किस्मत अजमा रहे थे। रविवार को सुबह आठ बजे से मतगणना का काम शुरू हो गया। मतगणना कर्मी सुबह छह बजे ही मतगणना स्थल पर पहुंच गए थे। सुबह आठ
बजते बजते मतगणना स्थल पर प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। मतगणना स्थल पर सुरक्षा की कड़े इंतजाम किए गए थे। मतगणना एजेंटों की विधिवत तलाशी के बाद अंदर प्रवेश करने दिया गया। उनके मोबाइल फोन
बाहर ही जमा करा लिए गए थे। महराजगंज ब्लाक पर पहुंचे डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी राजूबाबू सिंह ने जोनल मजिस्ट्रेट एपी पाठक को फटकार लगाई। मीरगंज के ऊंचडीह बूथ का मतपत्र लेखा न होने के कारण मतगणना देर से शुरू
हुई। रविवार को शाम सात बजे तक प्रशासन ने बरसठी के 42, रामपुर 48, मडिय़ाहूं 40, रामनगर 48, शाहंगज 54, सुइथाकला 40, खुटहन 41, बदलापुर 34, महराजगंज 40, मुफ्तीगंज 34, डोभी 30, केराकत 35, जलालपुर 52, सिकरारा 30, सिरकोनी 36, बक्शा 39, धर्मापुर 28, करंजाकला 32, मछलीशहर 28, मुंगराबादशाहपुर 32 और सुजानगंज के 42 बीडीसी प्रत्याशियों का परिणाम घोषित कर दिया।