गणना की गणित पर सिकरारा, बक्शा, जलालपुर समेत कई ब्लाकों में खूब उंगलियां उठीं। किसी प्रत्याशी ने अफसरों पर अपने एजेंट को बाहर निकालने का आरोप लगाया तो कहीं दोबारा काउंटिंग की मांग गूंजती रही। आला अफसरों से ही नहीं
आयोग तक फैक्स कर शिकायतें दर्ज कराई गईं। कुछ जगह प्रशासनिक अमले पर सियासी लोगों के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगा।सिकरारा विकास खंड के खानापट्टी के बूथ संख्या 116 की मत पेटी में 70 मत पत्र ऐसे मिले जिस
पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं थे। इसकी जानकारी होते ही वैध अवैध मत को लेकर अंगुली उठने लगी और बूथ कब्जा की बात गूंजने लगी। इस दौरान लोग आपस में कहासुनी कर धक्का मुक्की करने लगे। डेढ़ घंटे तक
मतगणना बाधित रही। सूचना पर एसडीएम सदर राकेश पटेल पहुंचे और उन्होंने 70 में से 66 मत वैध और चार मत अवैध बताया। उन्होंने कहा कि अवैध मत इसलिए नहीं है कि 66 मत कई प्रत्याशियों को मिले हैं इसलिए ये वैध हैं। सपा
नेता रामबहादुर यादव सहित कई लोगों ने इसका विरोध किया। कई स्थानों पर गिनती की शुरूआत से ही उंगली उठने लगी। गणना पूरी होने के बाद गड़बड़ी की बात गूंजने लगी।
दोबारा काउंटिंग की मांग शुरू हो गई। प्रशासन के खिलाफ भी लोगों में गुस्सा नजर आया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन राजनैतिक लोगों के इशारे पर काम कर रहा है।