जौनपुर।विभागीय जांच और आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में हर साल 10 से कम मलेरिया के मरीज मिलते हैं। चार महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विभाग द्वारा 17765 लोगों की जांच की गई और इसमें मलेरिया के केवल दो ही मरीज मिले ।
जनपद में मलेरिया को कम करने के लिए हर साल गर्मी शुरू होते ही बचाव व जागरूकता कार्यक्रम शुरू हो जाता है। वर्ष 2021 में विभाग की ओर से अभियान चलाकर 39,347 लोगों की जांच की गई थी। जिसमें मलेरिया के 12 मरीज मिले थे। इसी प्रकार वर्ष 2022 में 89,113 लोगों की जांच की गई थीं जिसमें 06 मरीज चिह्नित किए गए। वर्ष 2023 में अब तक 17,765 लोगों की जांच की गई है। इसमें मलेरिया के दो मरीज पाए गए हैं। मलेरिया रोकने के लिए फॉगिंग भी शुरू करने की तैयारी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वाधिक मच्छर वाले इलाकों को चिह्नित कर रही हैं।
जौनपुर। जिला मलेरिया अधिकारी डा. बीपी सिंह ने बताया कि मच्छर से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी लगाना चाहिए। सोते समय फूल अस्तीन के कपड़े पहने, नीम की पत्ती का धुआं लाभकारी साबित होता है। आस पास सफाई रखें। घर के आस पास यदि गड्ढे हों तो उसे मिट्टी से पाट देना चाहिए। कहीं पानी जमा होता है तो उसमें मिट्टी या जला हुआ मोबिल डाल देना चाहिए। एंटी लार्वा का छिड़काव तथा फागिंग भी कराया जा रहा है। नगर विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग सहयोग कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ ही सीएचसी, पीएचसी पर उपलब्ध है।