उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की गुरुवार से शुरू होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की इस बार आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा के नाम पर केंद्रों पर होने वाली धांधली को रोकने के लिए बोर्ड ने नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत सभी केंद्र व्यवस्थापकों को सीयूजी मोबाइल नंबर दे दिया गया है।
निर्देश दिया गया है कि सिम कार्ड को वे स्मार्ट फोन में इस्तेमाल करेंगे और प्रतिदिन परीक्षा प्रारंभ होते ही उपस्थित और अनुपस्थित परीक्षार्थियों का विवरण आनलाइन बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
दरअसल पूर्व में ऐसी शिकायतें बोर्ड को मिली थीं कि जो छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होते वे भी पास हो जाते थे। इसके लिए विद्यालय संचालकों की ओर से खेल होती थी।
मोटी रकम लेकर कापियां बाहर लिखवा दी जाती थी और बाद में उसे बंडल में शामिल कर लिया जाता था। परीक्षा हाल में परीक्षार्थियों की उपस्थिति के लिए जो रजिस्टर होता था उसमें बाद में उपस्थिति भी दर्ज कर दी जाती थी।
लेकिन इस नई व्यवस्था के बाद से ऐसी गुंजाइश नहीं रह जाएगी। छात्रों की जो आनलाइन हाजिरी भरी जाएगी उसकी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट, उड़ाकादल की ओर से रैंडम चेकिंग भी की जाएगी।
बाद में हाजिरी में फेर बदल की भी कोई संभावना नहीं रह जाएगी। परीक्षा 18 फरवरी से जिले में 332 परीक्षा केंद्रों पर शुरू होगी। बोर्ड परीक्षा में 209778 छात्र शामिल हाेंगे।
जिसमें हाईस्कूल के 111851 और इंटर मीडिएट के 97927 छात्र शामिल हैं। 3290 कक्षों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा दो पॉलियों में होगी। इसके लिए जिले को 38 सेक्टर और 06 जोन में बांटा गया है।
डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने कहा है कि सामूहिक नकल मिलने पर केंद्र व्यवस्थापक को जेल भेजा जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए छह सचल दस्ते बनाए गए हैं।
11 परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं इन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। कुल 3290 परीक्षा कक्षों में छात्र परीक्षा देंगे। इसके लिए 6392 कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा में जो उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी।
उनकी कोडिंग की गई है। छात्रों को कोडिंग की ही उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है।