नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा बरनवाल का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई नगर विकास सचिव उत्तर प्रदेश शासन की ओर से की गई है।
अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने बोर्ड की स्वीकृति के बिना ही नगर में विकास कार्य कराया और कई विकास कार्य बिना निविदा के ही कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है।
पांच लाख से अधिक के कार्य की निविदा मजिस्ट्रेट के समक्ष खोले जाने का नियम है लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए पांच लाख से अधिक की निविदा खोली गई।
मनोनीत सभासद राम बसावन अग्रहरि व सुरेंद्र सेठ ने शासन से शिकायत की थी कि जफराबाद नगर पंचायत में विकास कार्य के नाम पर शासकीय धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सभासद ने धांधली से संबंधित शिकायतों का पुलिंदा शासन को भेजा था। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज करते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कहा है कि यदि जल्द ही नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन को भेजे गए शिकायती पत्र में 17 कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि
इन कार्यों के लिए बोर्ड से कोई स्वीकृति नहीं ली गई। फिर भी अध्यक्ष ने काम कराकर उसका भुगतान किया है। 19 विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इसके लिए कोई निविदा नहीं निकाली गई।
मनमाने तरीके से काम कराया गया। नगर में इंडिया मार्का हैंडपंप लगाने के नाम पर भी खेल किया गया है। साथ ही विकास कर्यों में गुणवत्ता से समझौता किया गया है।
आदर्श नगर योजना के तहत पुरानी नाली की मरम्मत कराकर उसपर भी भुगतान करा लिया गया है।
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास सचिव एसपी सिंह ने उत्तर
प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की उप धारा 2 (ख) के तहत अध्यक्ष के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया है।
जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अग्रिम व्यवस्था तक मुख्य राजस्व अधिकारी को दिए गए हैं।