जौनपुर। शहर के घग्घा चौराहे पर मंगलवार को जर्जर भवन का बारजा सड़क पर किर गया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। जिसे जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है लेकिन नगर पालिका प्रशासन भवन स्वामी को नोटिस देकर चुप बैठ गया। इसमें मकान को खुद गिरा लेने का निर्देश भवन स्वामी को दिया गया है। सिर्फ यही एक भवन जर्जर नहीं है। ऐसे शहर भर में तकरीबन 300 से अधिक भवन जर्जर हैं, जो काल बनकर आज भी खड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं हो रहे हैं।
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में कई स्थानों पर जर्जर भवनों के रहने से हर समय बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। इस समय शहर में तकरीबन 300 मकान जर्जर है। जिसमें अधिकांश जर्जर भवन प्रमुख बाजारों व मार्गो पर मौजूद है। ऐसे भवनों का नजारा ओलंदगंज, रूहट्टा, किला रोड, बांसफोड़ गली, बड़ी मस्जिद, कोतवाली, घग्घा चौराहा सहित अन्य स्थानों पर देखा जा सकता है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से इन काल बनकर खड़े जर्जर भवनों को गिरवाने का कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। बस जब-जब कोई जर्जर भवन गिरता गिरता है तो जिम्मेदारों की ओर से सभी जर्जर भवनों के स्वामियों को सिर्फ नोटिस पकड़ा दिया जाता है। ऐसा हर बार किया जाता है। इसलिए दिए गए नोटिस में भवन स्वामी को स्वयं जर्जर मकान को गिरवाने का निर्देश दिया जाता है। उधर, भवन स्वामी भी नोटिस लेकर चुप बैठ जाते हैं। हालत यह है कि जब लोग इन जर्जर भवनों से होकर गुजरते हैं तो वे डरे व सहमें होते हैं। मंगलवार को भी घग्धा चौराहे पर मौजूद जर्जर भवन का बारजा सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर शहर के सिपाह मोहल्ला निवासी एजाज अहमद पुत्र अलीदास घायल हो गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया। इस संबंध में राज कालेज चौकी प्रभारी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि सूचना मिलने पर घायल एजाज को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। वह सिपाह मोहल्ले का रहने वाला है।
जर्जर भवन को गिराने के लिए उसके स्वामियों को समय-समय पर नोटिस दिया जाता है, जिसमें उनको खुद जर्जर भवन को गिराने का निर्देश दिया जाता है। - संतोष कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी