कुछ दिनों पहले जिला प्रशासन ने शहर में घोषणा कराई थी कि अतिक्रमणकारी अपना-अपना अतिक्रमण हटा लें। अन्यथा अगर जिला प्रशासन कब्जा हटाएगा तो मौके से सामान को अपने कब्जे में ले लेगा और अतिक्रमण हटाने में आने वाले खर्चे को भी अतिक्रमणकारियों से वसूलेगा। प्रशासन की ओर से मापी कर अतिक्रमण की जद में आने वाले स्थानों को चिह्नित कर लिया गया था। साथ ही 51 अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस भी दिया गया था लेकिन कई अतिक्रमणकर्ताओं ने अतिक्रमण नहीं हटाया।
प्रशासन ने जेसीज चौराहे से लेकर ओलंदगंज तक सड़क के दोनों तरफ लाल निशान लगा दिया था। बीते रविवार को अतिक्रमण को ढहवाने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल तीन बुलडोजर लेकर पहुंचे थे। सड़क की दोनों पटरियों पर अतिक्रमण को हटाया गया था। इस दौरान दस बड़े व्यापारियों ने दो दिन का समय मांगा था। जिसके बाद वे बिजली के तार को हटा लिए, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा।
जिसपर जिला प्रशासन ने बुधवार रात साढ़े दस से लेकर रात एक बजे तक बुलडोजर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान लेखपाल द्वारा नापी की गई और सड़क की दोनों पटरियों पर 11-11 मीटर तक कब्जा मुक्त कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थी। जहां कहीं भी किसी व्यक्ति को आपत्ति होती लेखपाल द्वारा तुरंत संबंधित दस्तावेज दिखाते नजर आए।