सुबह 9.50 बजे आरटीओ कार्यालय में आते आरटीओ अधिकारी एसपी सिंह।
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जौनपुर। लॉक डाउन में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के पंजीकरण सहित अन्य कार्य ठप रहे। इसका असर परिवहन कार्यालय पर अब देखा जा रहा है। कार्यालय खुलने से पहले ही लोगों की भीड़ उमड़ जा रही है, मगर अफसर-कर्मचारी समय पर भी दफ्तर नहीं पहुंच रहे। मनमानी का आलम यह है कि कई कर्मचारी तो साहब के आने के बाद दफ्तर पहुंचे।
कार्यालय में यह स्थिति रोज की है। लाइसेंस बनवाने वाले पहले ही आ जाते हैं और अफसर व कर्मचारी समय बीतने के बाद। मजाल नहीं कि कोई कुछ कह दे। देरी के लिए नाराजगी जताने वालों के काम बहाने बनाकर टाल दिए जाते हैं। कर्मचारियों की लेटलतीफी के कारण रोजाना कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद बिना काम कराए ही लौटना पड़ता है। सोमवार को एआरटीओ कार्यालय का कुछ ऐसा ही है। सीएम के फरमान का कोई असर नहीं दिखा। साहब समय से आफिस नहीं पहुंचे। अधिकांश कर्मचारी साहब के आने के बाद भी 10 बजे के बाद दफ्तर पहुंचे लेकिन लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ साढ़े नौ बजे तक गेट के बाहर लग गई थी। नौ बजकर 40 मिनट पर गेट खुलने के बाद लाइसेंस बनवाने वाले अंदर घुसकर फोटो कक्ष के बाहर लाइन में लग गए।
अभी भी नहीं बन पाए हैं 525 लाइसेंस
जौनपुर। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में 14 दिनों में कुल 2745 लाइसेंस बनाने का आनलाइन आवेदन आया हैं, लेकिन अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही से अभी तक मात्र 2220 लाइसेंस ही बनाए जा चुके हैं, अभी भी 525 लाइसेंस नहीं बन पाए हैं।
आवश्यक काम आ जाने से मुझे आज थोड़ी देर हो गई, लेकिन कर्मचारियों को समय से आना चाहिए। विवेक कुमार मधुकर, तारा सिंह चौहान व स्वतंत्र कुमार शुक्ला सहित जो भी कर्मचारी देरी से आए हैं। उनके विरुद्घ कार्यवाई की जाएगी।- एसपी सिंह, एआरटीओ, प्रशासन