मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है कि अधिकारी-कर्मचारी समय से कार्यालय पहुंचें और कार्यालय आने वाले जरूरतमंदों की समस्याओं का समाधान करें। लेकिन जनपद में उनके इस निर्देश का कितना पालन हो रहा है। इस बाबत बुधवार को अमर उजाला ने कार्यालयों की लाइव हकीकत परखी, जिसमें कई कार्यालयों की स्थिति सरकार की मंशा पर खरी नहीं उतरी। विकास भवन में दफ्तर में अफसरों के बैठने का समय सुबह 10 बजे से निर्धारित हैं, लेकिन बुधवार को विकास भवन के निरीक्षण में अधिकांश कार्यालयों में साढ़े दस-ग्यारह बजे तक अधिकारी अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। जबकि उनका इंतजार कर रहे फरियादी इधर-उधर भटकते नजर आए।