बक्शा। अब सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन में स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत गांवों में गठित महिला स्वयं सहायता समूह को वरीयता मिलेगी। अगर किसी गांव में एक भी महिला स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया तो दूसरे किसी के भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए बीडीओ छोटेलाल तिवारी ने कहा कि अब जिस भी गांव में कोटे की दुकान के लिए नया चयन होगा तो नए शासनादेश के अनुसार ही किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगर किसी गांव में एक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह हैं और सभी ने कोटे की दुकान के लिए आवेदन किया तो उस दशा में सभी के प्रस्ताव जिला मुख्यालय पर भेज दिए जाएंगे। जहां समूह की क्रियाशीलता के आधार पर उनका चयन किया जाएगा। इसके अलावा अगर किसी गांव में कोटे की दुकान अनुसूचित जाति या पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होगी तो जिस समूह में संबंधित जाति की महिला सदस्यों की संख्या अधिक होगी, उसी को आवंटन कर दिया जाएगा।