जौनपुर। श्रमजीवी विस्फोट कांड का फैसला एक बार फिर टल गया। अब निर्णय के लिए 22 दिसंबर की तिथि कोर्ट ने नियत की है। यह जानकारी डीजीसी फौजदारी सतीश कुमार पांडेय ने दी। 28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी विस्फोट कांड हुआ था। दोनों पक्षों की बहस काफी समय पूर्व ही समाप्त हो चुकी है। पीड़ितों को न्याय 18 वर्ष में भी नहीं मिल पाया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश राय की कोर्ट में बुधवार को ट्रेन में बम रखने का आरोपी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन निवासी बांग्लादेश एवं विस्फोट कांड में सहयोग का आरोपी नफीकुल विश्वास करीब 11 बजे पेश किए गए। फैसला आने की संभावना पर पूरे दिन लगी रही लेकिन चार बजे के बाद 22 दिसंबर की तिथि नियत कर दी गई। दोनों आरोपी को वापस जिला कारागार भेज दिया गया।
विस्फोट में मारे गए थे 14 लोग
जौनपुर। 28 जुलाई 2005 को सिंगरामऊ के हरपालगंज हरिहरपुर के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस में आतंकियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में 14 लोग मारे गए थे। 62 घायल हुए थे। मामले में ट्रेन में बम रखने वाले बांग्लादेशी आतंकी रोनी उर्फ आलमगीर एवं षड्यंत्र करने वाले आतंकी ओबैदुर्रहमान को पूर्व में अपर सत्र न्यायाधीश ने मृत्युदंड की सजा सुनायी थी। दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है जो विचाराधीन है। शेष दोनों आरोपित हिलाल व नफीकुल के मामले में फैसला होना अभी बाकी है।