शाहगंज। अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाये जाने के मामले में फैसला सुनाने वाले सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एसके यादव के शाहगंज स्थित पैतृक आवास पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं दिखा। जज के लखनऊ स्थित आवास पर फैसला आने से पहले ही सुरक्षा गार्ड जरूर तैनात किए गए थे जबकि उनके पैतृक आवास पर किसी होमगार्ड की भी ड्यूटी नहीं लगाई गई। गांव में न्यायाधीश एसके यादव की मां सुरजा देवी अकेले रहती हैं। फैसला आने से पहले और बाद में भी पुलिस का एक भी जवान उनकी मां का हालचाल लेने नहीं पहुंचा।
विवादित ढांचा ढहाये जाने के मामले में बुधवार को फैसला सुनाने वाले जर्ज एसके यादव का पैतृक आवास शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के पखनपुर गांव में है। गांव वाले मकान पर जज की मां 85 वर्षीय सुरजा देवी अकेले रहती हैं। जज के खानदान से ताल्लुक रखने वाले ग्राम प्रधान समर बहादुर यादव का कहना है कि जिस मामले में उन्होंने फैसला सुनाया उसके लिहाज से घर पर सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए थे लेकिन यहां पुलिस का एक जवान भी नहीं आया। न तो फैसला आने से पहले किसी ने उनके परिजनों की सुधि ली और न ही फैसला आने के बाद ही कोई यहां उन्हें देखने आया। इस संबंध में सीओ शाहगंज अंकित कुमार का कहना है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला मुख्यालय के अधिकारियों की होती है। उच्च अधिकारियों की तरफ से इस तरह का उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला है। निर्देश मिलेगा तो सुरक्षा का इंतजाम किया जाएगा।