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भाजपा और अपना दल एस पर नीलम ने फोड़ा अपनी हार का ठिकरा

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टिकट न मिलने से नाराज भाजपा की जिला पंचायत सदस्य नीलम सिंह बागी प्रत्याशी के रूप में मैदान में थी। उन्हें 28 मत मिले। वहीं, उन्होंने अपनी जीत का ठिकरा भाजपा के साथ-साथ अपना दल एस पर फोड़ा है। उन्होंने कहा है कि उनके यदि पार्टी ने उन्हें टिकट दिया होता तो आज वह इस सीट को पार्टी के झोली में डाल देती।
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भाजपा की जिला पंचायत सदस्य नीलम सिंह वर्तमान समय में खुटहन ब्लॉक की प्रमुख हैं। उनके ससुर 2014 में अपना दल से प्रतापगढ़ से ससुर हरिबंश सिंह सांसद बने थे, जो मुंबई के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते हैं। जबकि पति रमेश सिंह 2010 में खुटहन ब्लाक प्रमुख बने थे। इसके बाद 2015 में महिला सीट होने के कारण नीलम सिंह ने पर्चा भरा था। हालांकि पर्चा खारिज हो गया था। हालांकि, 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद चर्चित अविश्वास लाया गया था, जिसमें गाड़ियां जलाई गई गोली चली थी। इसके बाद 2018 हुए चुनाव में नीलम सिंह ब्लाक प्रमुख बनी थी। इसी आधार पर भाजपा से टिकट की वह प्रबल दावेदार थी। नीलम का आरोप है कि भाजपा ने पहले उन्हें टिकट देने की हरी झंडी देकर मैदान में उतार दिया था। लेकिन, ऐन वक्त पर सीट अपना दल एस को दे दिया, जिसकी प्रत्याशी विरोधी दल से मिली हुई थी। नीलम सिंह के ससुर पूर्व सांसद हरिबंश सिंह का कहना है कि अपना दल एस पहले से ही श्रीकला धनंजय सिंह को टिकट देना चाहती थी, जिसका परिणाम सबके सामने आए। उन्होंने अपना भी मत उन्हें दे दिया। अगर आज भाजपा उन्हें टिकट दी होती तो यह सीट हम जीत जाते। निर्दल होकर भी हमने अच्छा प्रदर्शन किया।
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