मछलीशहर। धोखाधड़ी और कूट रचित कागजात तैयार कर ट्रेलर बेचने के आरोप में बंद नगर पंचायत अध्यक्ष संजय जायसवाल को न्यायालय से जमानत मिल गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शादीगंज निवासी नगर पंचायत अध्यक्ष के छोटे भाई अनुराग जायसवाल ने बीते जुलाई माह में संयुक्त गृह सचिव (पुलिस) को प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने अपने बड़े भाई नगर पंचायत अध्यक्ष और बसपा नेता संजय जायसवाल पर छलपूर्वक बेईमानी से अनाधिकृत रूप से लाभ लेने के उद्देश्य से सभी ट्रेलर अपने कब्जे में लेने का आरोप लगाया था। बिना अनुमति और बिना बैंक की एनओसी जारी किए फर्जी और कूट रचित कागजात तैयार कर जालसाजी पूर्वक ट्रेलर बेचने की बात कही थी। इसके बाद संयुक्त गृह सचिव (पुलिस) ने मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी थी। जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने 11 सितंबर को मुकदमा दर्ज़ किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद चेयरमैन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट से स्थगन आदेश लिया था, लेकिन किसी कारण बस स्थगन आदेश बढ़ नहीं पाया। वहां से लौटते समय कुंवरपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तीन माह पहले एक मामले उन्हें जमानत मिल गईं थी, लेकिन दूसरे मामले में पुलिस ने रिमांड ले ली थी। शुक्रवार को उन्हें कोर्ट से जमानत मिलने की सूचना पर समर्थकों में खुशी का माहौल है। उनके बेटे अभय जायसवाल ने बताया कि सोमवार या मंगलवार तक उनके चेयरमैन पिता के घर आने की उम्मीद है।