जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा देव की अदालत ने शुक्रवार को जफराबाद थाना क्षेत्र के हौज भीखमपुर गांव निवासी ताज इंडिया व चंद्रकेश को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। अदालत ने दोनों भाइयों को 7 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 16 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वादी के अनुसार रमतज्जी देवी ने 28 फरवरी 2006 को जफराबाद थाने पर एनसीआर दर्ज कराई थी कि 28 फरवरी 2006 को सुबह 7 अपने दरवाजे पर बैठी थी। इसी दौरान आरोपी ताज इंडिया एवं उसका भाई चंद्रकेश आकर उसके दरवाजे पर गड़ा खूटा उखाड़ने लगे। विरोध करने पर उसके सिर पर लाठी से वार कर दिया था। इलाज उनकी मौत हो गई। पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया। बाद में शिवनाथ ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कोर्ट के आदेश पर बढ़ी हुई धारा में विवेचना का आदेश हुआ। वादिनी रमतज्जी की मारपीट में आईं चोटों के कारण 13 मार्च 2006 को मौत हो गई। मुकदमा गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम हुआ। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपी को गैर इरादततन हत्या में दोषी पाते हुए सजा सुनाई।