नगर क्षेत्र स्थित कांशीराम सामुदायिक भवन के प्रांगण में चल रहे उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ (एटक) का 46वां राज्य महासम्मेलन दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा है। जिसमें दो वर्षों की संगठनिक कार्य की रिपोर्ट पेश की गई।
साथ ही समस्याओं को पूरा कराने पर विचार किया गया। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान मेट्रो हास्पिटल दिल्ली से आई स्वास्थ्य टीम द्वारा 600 प्रतिनिधियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
मुख्यमहामंत्री सद्रुददीन राना ने कहा कि रोडवेज एवं निकाय विभाग की तरह बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों को भी सीधे विभाग द्वारा भुगतान किया जाए।
अवर अभियंताओं को वरिष्ठता के आधार पर बिना किसी परीक्षा व साक्षात्कार के पदोन्नति एवं समयबद्ध वेतन के रुप में पदोन्नति के पद का वेतन दिया जा रहा है।
ठीक उसी प्रकार कर्मचारियों को भी बिना भेदभाव के उक्त सुविधा प्रदान की जाए। विद्युत नियामक आयोग एवं उत्तर प्रदेश कार्पोरेशन निगम द्वारा कर्मचारियों को मिल रही विद्युत सुविधा समाप्त करने के निर्णय की आलोचना की।
साथ ही कर्मचारियों को मिल रही उक्त सुविधा को बरकरार रखने और बढ़ती हुई उपभोक्ता संख्या के अनुपात में कर्मचारियों की नई भर्ती करने और संविदा कर्मचारियों को उसमें शामिल करने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नेता अजय कुमार ने आंदोलन में साथ देने को कहा। कहा कि एकजुटता से ही सफलता मिलेगी। सम्मेलन की अध्यक्षता रामनाथ यादव, ओपी तेवतिया, वीके अवस्थी, एसके सारस्वत व विनोद कुमार की अध्यक्षता में हुई।
इस अवसर पर महामंत्री महेंद्र राय, जवाहरलाल विश्वकर्मा, कन्हईलाल, सूर्यदेव पांडेय, रजनीकांत पांडे, केशर सिंह रावत, सुरेंद्रपाल सिंह, जयभगवान व रवि कुमार आदि उपस्थित रहे।