जुमे की नमाज के बाद बड़ी मस्जिद के सामने नमाजियों ने आतंकवाद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मुसलमानों ने भारत, फ्रांस, सीरिया और यमन समेत अन्य देशों में खूनी खेल खेलने वाले आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
करते हुए नारे लगाए और कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। मांग किया कि आतंकवाद के खात्मे के लिए विश्व समुदाय को एकजुट होकर उनसे मुकाबला करे। आए दिन इंसानियत का कत्ल हो रहा है।
आतंकी संगठन इस्लाम को भी बदनाम कर रहे हैं। जुमा की नमाज के लिए नगर की ऐतिहासिक बड़ी मस्जिद भारी संख्या में नमाजी एकत्र हुए थे। जुमा की नमाज के बाद मुसलमानों ने विश्व शांति के लिए दुआ मांगी।
मस्जिद से एक साथ सैकड़ों की संख्या में बाहर निकले मुसलमानों ने आतंकवाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यहां वक्ताओं ने कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता।
मजहब के नाम पर आतंकी संगठन लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई भी धर्म मासूमों व बेगुनाहों का खून बहाने की इजाजत नहीं देता।
दहशतगर्दों के कारण आज पूरी दुनिया में मुसलमानों को शक की नजर से देखा जा रहा है। अब वक्त आ गया है कि धर्म गुरुओं के साथ आम मुसलमानों को भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी।
मौलाना तारिक ने कहा कि आतंक वाद का किसी धर्म से मतलब नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस्लामिक आतंकवाद की बात हो रही है उसमें अब वक्त आ गया है कि मजहबी लोग ऐसे तत्वों के खिलाफ आवाज उठाएं।
सभासद साजिद अलीम ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों को बदनाम करने की नापाक कोशिश की जा रही है। इस्लाम धर्म भाईचारा और अमन चैन कायम रखने का पैगाम बांटता है।
इस मौके पर मौलाना आरिफ, मौलाना एजाज, मौलाना बेलाल, सऊद, आल इंडिया सीरत कमेटी के सदर इरफान अब्बास, सपा नेता आरिफ हबीब, डा. बेलाल, महबूब, दिलदार, जियाउद्दीन, मुख्तार, शम्सुज्मा अंसारी आदि रहे।